रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

चार्टर्ड अकाउंटेंट के दो दिवसीय अधिवेशन में विशेषज्ञों ने जीएसटी पर आ रही समस्याओं के समाधान पर व्याख्यान दिया। अधिवेशन में देश भर से 1200 सीए शामिल हुए। वहीं बतौर अतिथि राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव डहरिया मौजूद रहे। प्रथम तकनीकी सत्र के चेयरमैन सीए रमन दीप भाटिया और ब्रांच वाइस चेयरमैन सीए अमिताभ दुबे ने जीएसटी ऑडिट और एनुअल जीएसटी रिटर्न में आने वाली समस्याओं के कारण जीएसटी रिटर्न और ऑडिट में बहुत अधिक सावधानी पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जीएसटी में तय न करें कि कौन-सी जानकारी देनी है या नहीं, पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ सजा भी हो सकती है। साथ ही जीएसटी ऑडिट ( फॉर्म 9सी और जीएसटी एनुअल रिटर्न ( फॉर्म 9 और फॉर्म 9सी) पर बेंगलुरू से आए सीए जतिन क्रिस्टोफर ने प्रमुख बातें बताई। उन्होंने कहा कि व्याख्यान के अनुसार सभी को जीएसटी केएनुअल रिटर्न और ऑडिट के लिए सभी प्रपत्रों का प्रपत्रीकरण डॉक्यूमेंटेशन करना चाहिए।

2017-18 वालों के लिए यह लाभ

यदि कोई भी ट्रांजेक्शन जो कि 2017-18 से संबंधित है और उसका डॉक्यूमेंट मौजूद है तो उस ट्रांजेक्शन को एनुअल रिटर्न में दिखाना होगा और यदि ऐसा कोई ट्रांजेक्शन जिसका कोई भी डॉक्यूमेंट मौजूद नहीं है और सीए को ऑडिट के दौरान पता चलता है कि ये सप्लाई है और इसमें टैक्स लगाना है तो उसे जीएसटी ऑडिट फॉर्म में दिखाना होगा। वहीं अगर किसी ने 2017-18 का आरसीएम जमा नहीं किया है तो 2019-20 के डीआरसी तीन से उसका भुगतान कर सकता है। इस स्थिति में आपको ब्याज देना पड़ेगा पर इसका फायदा ये होगा कि आपको उसका क्रेडिट मिल जाएगा।

आय घोषित न करने पर सेक्शन 68 115 बीबीई के तहत कर सकता है कार्रवाई

वक्ता सीए कपिल गोयल ने सेक्शन 68 115 बीबीई 270 ए के बारे में बताया।आयकर की धारा 68 के तहत ऐसी आय के तहत करारोपण की कार्रवाई है, जो कि करदाता द्वारा घोषित नहीं की गई और आयकर विभाग उसे अघोषित आय मानकर उस पर टैक्स की गणना कर सकता है।

अभी आयकर जिस तरह से कार्य कर रहा है धाराओं के तहत उसमे करदाता को यदि कोई परेशानी हो तो उसके लिए कोई भी तरीका नहीं है। उसके लिए उसे रिट पिटिशन फाइल करनी होती है, जो कि प्रत्येक सामान्य करदाता के लिए संभव नहीं है। यदि कोई करदाता आयकर विभाग के सर्वे के दौरान अपनी आय सरेंडर करता है तो यदि वह करदाता व्यापारी है तो सर्वे के दौरान सरेंडर आय को बिजनेस इनकम के तहत ही कर लगाया जाएगा न कि अन्य स्रोत से आय माना जाएगा ।

ये रहे मौजूद

चेयरमैन रेरा , छत्तीसगढ शासन, श्री विवेक ढांड, डीजी डीएम अवस्थी, विजय मालू, प्रकाश सिंह खनूजा बिलासपुर, कमल बजाज जी , सी ए सुरेश अग्रवाल, सी ए , राजेश अग्रवाल , शशिकांत चंद्राकर, बंकिम शुक्ला , संजय बिल्थरे, विकास गोलेछा, किशोर बरडिया , अविनाश टुटेजा , जितेंद्र खनूजा, गुलाब केडिया, मनोज केशवानी, विनोद केशवानी, सुरेश बधान, बी. सुब्रमण्यम मौजूद थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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