रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)

हमेशा अपने आफ को परमात्मा की छत्रछाया में सुरक्षित समझें, कमजोर विचारों को मन में न आने दें। यदि मन में भय को जगह दे दी तो हमारी वाणी और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। हीन भावना को मन से निकाल दें। उक्त बातें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ऑनलाइन वेबिनार में यूरोप स्थित सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी सुदेश दीदी ने कही। नकारात्मक विचारों और विकारों से मन की सुरक्षा विषय पर विचार रखते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर विजय का तिलक लगाकर व्रत लें कि अपने विचारों को परिवर्तित करना है। उन्हें श्रेष्ठ बनाना है।

ब्रह्माकुमारी चक्रधारी दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन का तात्पर्य सिर्फ बहनों की रक्षा तक ही सीमित नहीं है। यह पुण्य प्राप्त कराने वाला और विषय विकार को तोडे वाला त्योहार है। मनुष्य का मन एक चक्की की तरह है, उसमें दाना डालेंगे तो हाथ में आटा आएगा, नहीं तो मिट्टी हाथ में आती रहेगी।

नई दिल्ली के मनोचिकित्सक डॉ. अवधेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अनेक लोगों के मन में नकारात्मक विचार चलना स्वाभाविक है। ऐसे विचार उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो हैं ही, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करते हैं। हमारा बहुत सारा समय भूतकाल और भविष्य की सोच में व्यर्थ चला जाता है। कई लोग छोटी-छोटी बातों को भी सोच-सोचकर बड़ा कर डालते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है। मुश्किलें आती हैं और जाती हैं, लेकिन जो लोग मुश्किलों से जूझना जानते हैं, वही लंबे समय तक चलते हैं।

एम्स रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर ने कहा कि वर्तमान महामारी के दौर में अपने बचाव के लिए सावधानी रखें, भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें। सकारात्मक सोच हमें हर कार्य में सफलता दिलाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा कि मां-बाप हमेशा बच्चों को मना करते हुए कहते हैं कि यह मत करो, ऐसे मत करो आदि। किंतु यह नहीं बताते कि ऐसे करो। बचपन में यहीं से नकारात्मक सोच शुरू हो जाती है। जरूरत अपनी सोच को बदलने की है।

शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर रायपुर की निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि दरअसल हम असुरक्षित हैं काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार रूपी पांच विकारों से। व्रत इस बात का लें कि हम नकारात्मक और व्यर्थ बातों से दूर रहेंगे। इससे मन कमजोर होता है और मन कमजोर होने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। इस अवसर पर गायक स्वप्निल कुशतर्पण तथा कु. शारदा नाथ ने रक्षाबंधन से संबंधित स्वरचित गीत गाकर भावविभोर कर दिया। वेबिनार का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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