रायपुर। Durga Puja 2022: शारदीय नवरात्र में 26 सितंबर को विविध देवी मंदिरों में जोत प्रज्ज्वलित किया जाएगा। साथ ही राजधानी में 300 से अधिक पंडालों में देवी प्रतिमाएं विराजित की जाएगी। पर्व को मात्र पांच दिन शेष होने से पंडाल निर्माण का कार्य सुबह से देर रात तक किया जा रहा है। हीरापुर के छुइया तालाब के समीप इस बार अयोध्या के श्रीराम मंदिर के प्रतिरूप वाला पंडाल आकर्षण का केंद्र रहेगा।

अयोध्या के श्रीराम मंदिर की थीम पर बन रहा दुर्गा पंडााल

श्रीनवदुर्गा उत्सव समिति छुइया तालाब हीरापुर के अध्यक्ष सुनील पिल्लई ने बताया कि कोरोना काल में गाइड लाइन के चलते सादगी से उत्सव मनाया गया था। इस साल पूरे मोहल्ले में दुर्गोत्सव मनाने युवा उत्साहित हैं। प्रतिमा स्थापना का यह 30वां वर्ष है। चूंकि, देशभर में अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर आस्था की लहर बह रही है, इसलिए इस साल पंडाल को अयोध्या के श्रीराम मंदिर थीम की तर्ज पर सजाया जाएगा।

पंडाल की ऊंचाई 70 फीट और चौड़ाई 65 फीट है। पंडाल के उपरी हिस्से में भगवान श्रीराम की 20 फीट की प्रतिमा विराजित की जाएगी। बाहर से अयोध्या मंदिर की तरह दिखने वाले पंडाल के भीतर परी महल में देवी प्रतिमा विराजित की जाएगी। पश्चिम बंगाल के कारीगर एक महीने से पंडाल निर्माण में जुटे हैं।

मेला का आयोजन

पंडाल परिसर के समीप मेला का आयोजन किया जाएगा। इसमें विविध झूले और व्यंजनों के स्टाल लगेंगे। साथ ही घरेलू सजावट की सामग्री के स्टाल भी लगाए जाएंगे। आसपास से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन लाभ लेने पहुंचेंगे। दुर्गोत्सव की तैयारी में संरक्षक बब्बू महाराज, कोषाध्यक्ष दिनेश राजपूत, उपाध्यक्ष रजिंदर सिंह, सदस्य प्रांजल राजपूत, प्रियांश राजपूत, उमेश चोपकर आदि युवा सदस्य जुटे हुए हैं।

300 से अधिक पंडालों में तैयारी

राजधानी में 300 से अधिक जगहों पर पंडालों को महल और देवी मंदिरों के रूप में बनाया जा रहा है। पुरानी बस्ती, सुंदर नगर, महादेवघाट रोड, कालीबाड़ी, टिकरापारा, सिद्धार्थ चौक, कंकालीपारा, सत्तीबाजार, गुढ़ियारी, फाफाडीह, बैरनबाजार आदि मोहल्लों में भी भव्य पंडालों में देवी मां के विविध रूपों वाली प्रतिमाओं को विराजित करने की तैयारी जोरशोर से की जा रही है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close