Dussehra 2021: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत अन्‍य जिलों में कोरोना महामारी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने दशहरा पर्व मनाने के लिए गाइड लाइन जारी की थी। दो हजार से अधिक लोगों को प्रवेश नहीं देने और किसी भी तरह का सांस्कृतिक आयोजन नहीं करने, आतिशबाजी नहीं करने जैसे अनेक नियम बनाए थे। राजधानी के सभी दशहरा आयोजनों में नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाई गई।

हर आयोजन में हजारों की भीड़ उमड़ी। आयोजन स्थल के आसपास एक-एक घंटे तक लंबा जाम लगने से लोग परेशान हुए। जमकर आतिशबाजी हुई। रामलीला और सांस्कृतिक गीत-संगीत की भी धूम मची। बीटीआइ मैदान में दो रावण जलाए गए।

पहला रावण कांग्रेस का और दूसरा भाजपा का रावण जला। दोनों ही पार्टी के नेताओं में एक-दूसरे को मात देने की होड़ लगी रही। हालांकि इसमें भाजपा के आयोजन ने बाजी मारी। राजधानी में डब्ल्यूआरएस कालोनी, रावणभाठा, छत्तीसगढ़ नगर, बीटीआइ ग्राउंड, कटोरातालाब, गुढि़यारी, रामकुंड, चौबे कालोनी समेत 10 जगहों पर रावण दहन किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- अहंकार का अंत होना तय

73 साल से लगातार हो रहे खम्हारडीह दशहरा आयोजन समिति के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने कहा कि अहंकारी व्यक्ति को एक न एक दिन झुकना पड़ता है, अहंकार का नाश होता आया है, हम सभी सत्य की राह पर चलें और बुराइयों को त्यागें।

पूर्व निगम सभापति संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आयोजन को रोकने की कोशिशें नाकामयाब हुई। कुछ लोग नहीं चाहते थे आयोजन हो लेकिन श्रीराम की कृपा से साजिशों का अंत हुआ।

बीटीआइ ग्राउंड में कांग्रेस के आयोजन में मुख्य अतिथि विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा कि बुराई का हमेशा अंत होता है। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक पर्व पर अहंकार त्यागने और अच्छे कर्म करने की सीख लें।

एक सिर जला, नौ सिर, हाथ सलामत

कांग्रेस के आयोजन में रात 7.27 बजे रावण को जलाया गया। एक मुख्य सिर ही जल पाया और नौ सिर सलामत रहे। साथ ही दोनों हाथ भी नहीं जले। बाद में पुतले को गिराकर फिर से खाक किया गया। आधे घंटे बाद 8 बजे भाजपा का रावण एक ही झटके में जल गया।

Posted By: Kadir Khan

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