रायपुर। कोयला परिवहन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्त में आने के बाद एक महीने से अधिक समय से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आइएएस समीर बिश्नोई, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी की अग्रिम जमानत जिला कोर्ट से खारिज हो चुकी है। फिलहाल जिला कोर्ट से चारों आरोपितों को राहत मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। लिहाजा बचाव पक्ष के वकील हाई कोर्ट में चारों की अग्रिम जमानत कराने की कोशिश में जुट गए हैं। वहां आवेदन लगाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि निचली अदालत के फैसले और ईडी की जांच कार्रवाई पूरी होने तक फिलहाल एक भी आरोपितों को जमानत मिलने की उम्मीद कम है।

ईडी के जानकार सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी और पूछताछ के लिए उन्हें चार दिनों की रिमांड पर लेने के बाद ईडी की कार्रवाई तेज हो गई है। आने वाले दिनों में कुछ और नौकरशाह, बड़े कारोबारियों पर ईडी का शिकंजा कसेगा। बिश्नोई, सूर्यकांत, सुनील और लक्ष्मीकांत की न्यायिक रिमांड की अवधि छह दिसंबर को खत्म हो रही है, लिहाजा चारों को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसी दिन सौम्या चौरसिया की भी रिमांड खत्म होगी और शाम चार बजे उन्हें भी पेश करने का आदेश कोर्ट ने ईडी के अधिकारियों को दिया है।

जमीन खरीद-बिक्री में घालमेल

ईडी ने आइएएस समीर बिश्नोई और उपसचिव सौम्या चौरसिया को मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कोयला घोटाले में भी इन दोनों अफसरों की संलिप्तता है। हालांकि सौम्या चौरसिया ने जमीन की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी और कोल घोटला से जुड़े होने से साफ इंकार किया है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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