रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीसरे चरण का प्रचार तो रविवार शाम 5 बजे थम गया लेकिन नेताओं के कदम नहीं थमे। रातभर नेताओं की गाड़ियां गांव-गांव घूमती रहीं। रविवार और सोमवार को रतजगा हुआ और जगह-जगह बैठकों का आयोजन किया गया।

शनिवार की रात भाजपा के एक कद्दावर नेता रायपुर में थे। घंटे भर विश्राम और भोजन के बाद रात में ही वे समर्थकों के साथ बिलासपुर के लिए निकल गए। बताया अभी बिलासपुर जा रहा हूं, कल सुबह दुर्ग लौटूंगा। सोमवार तक उनका दुर्ग में ही डेरा रहा।

कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में सारा दिन बीत गया। यही हाल कांग्रेस नेताओं का भी रहा। राज्य सरकार के एक मंत्री रविवार शाम चुनाव प्रचार खत्म होने के समय दुर्ग में थे। लोगों को पता था कि नेताजी प्रचार खत्म होने के बाद रायपुर लौटेंगे लिहाजा उनके बंगले के सामने लोग इंतजार करते रहे। रात 10 बजे तक मंत्री नहीं लौटे थे।

उनके दफ्तर में बताया गया कि आने वाले हैं लेकिन आते ही गरियाबंद रवाना हो जाएंगे। फिलहाल मुलाकात की तो कोई संभावना नहीं है। यही हाल प्रदेश में दूसरी जगहों पर भी रहा। रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर चांपा, सरगुजा में गांव-गांव में नेताओं की गाड़ियां रातभर गश्त करती रहीं।

गांव के प्रमुख लोगों, समाज प्रमुखों के घरों में दस्तक दी गई। कार्यकर्ता इंतजार करते रहे। सारा कार्यक्रम पहले से तय था। लोगों से मिलकर उन्हें मतदान के लिए वोटरों को साधने के टिप्स दिए जाते रहे। राज्य सरकार के मंत्री अपने-अपने इलाकों में व्यस्त रहे। भाजपा के नेता भी पीछे नहीं रहे। जगह-जगह बैठक कर मोदी सरकार की वापसी का मंत्र दिया जाता रहा।


बाहर से आए कार्यकर्ताओं की वापसी

दुर्ग में बस्तर के सौ से ज्यादा कार्यकर्ता 12 अप्रैल से ही डटे रहे। चुनाव प्रचार खत्म होते ही बाहर से आए नेताओं को बाहर जाने के निर्देश थे इसलिए शाम को सभी वापस लौट गए।

कुछ रायपुर भी पहुंचे। मतदान के दिन उनकी जिम्मेदारी विपक्षी दलों की हरकत पर नजर रखने की है। कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद के कार्यकर्ता भी सात सीटों पर जगह-जगह बिखरे रहे। अब सभी की वापसी हो रही है।


यहां से जाएंगे दूसरे प्रदेशों में

जो कार्यकर्ता रायपुर आए हैं उनमें से कई की ड्यूटी दूसरे प्रदेशों में लगाई गई है। यहां के नेता और कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, यूपी और बिहार भेजे जा रहे हैं।

कुछ दिल्ली में भी डेरा डालेंगे। यूपी जाने वाले नेताओं में ज्यादातर राहुल गांधी की सीट अमेठी और सोनिया गांधी की सीट रायबरेली के लिए रवाना हो रहे हैं।