रायपुर। पखवाड़ेभर पहले छत्तीसगढ़ में बिजली की मांग 4200 मेगावॉट के ऊपर चली गई थी। इसकी वजह से पीक ऑवर में बिजली कंपनी को लगातार बिजली खरीदनी पड़ रही थी।

अब यह अचानक घटकर 3500 मेगावॉट के नीचे आ गई है। इससे राज्य में एक बार फिर बिजली सरप्लस हो गई है। बिजली की मांग में यह कमी मौसम में बदलाव के कारण आई है।

बिजली अफसरों के अनुसार मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे बिजली कंपनी के पास 3559 मेगावॉट बिजली उपलब्ध थी। इसकी तुलना में मांग 3391 मेगावॉट थी। यानी मांग से 168 मेगावॉट बिजली ज्यादा उपलब्ध थी। बिजली अफसरों के अनुसार बिजली की मांग में यह कमी प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण आई है।

राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते 8-10 दिनों से अच्छी बारिश हो रही है। इससे न केवल घरेलू उपभोक्ताओं की मांग में कमी आई है बल्कि कृषि पंपों का लोड भी कम हुआ है।


मांग बढ़ने की आशंका से खरीद की तैयारी

राज्य में इस बार जुलाई में बिजली की मांग 42 सौ मेगावॉट के करीब पहुंच गई थी। अफसरों के अनुसार चूंकि बारिश नहीं हो रही थी, इस वजह से खेतों में कृषि पंपों का उपयोग बढ़ गया था।

गर्मी और उसम से बचने के लिए घरों में लोग कूलर और एसी का प्रयोग कर रहे थे। ऐसे में अगस्त में भी बिजली की मांग बढ़ी रहने की संभावना को देखते हुए कंपनी शार्ट टर्म बिजली खरीद की तैयारी में थी। इसकी अनुमति के लिए कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग में अपील भी कर रखा है।