Electricity Rate : रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए टैरिफ पिटिशन विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। कंपनी ने करीब 14230 करोड़ की वित्तीय जस्र्रत बताई है। वहीं, मौजूदा दर पर कंपनी को 14556 करोड़ का राजस्व प्राप्त होना संभावित है। कंपनी 326 करोड़ सरप्लस रहेगी, लेकिन कंपनी पर 3559 करोड़ की देनदारी है। इस लिहाज से कंपनी ने 3233 करोड़ राजस्व कमी की जानकारी आयोग को दी है। इससे बिजली का दर बढ़ाया जाना तय माना जा रहा है। कितनी बढ़ेगी बिजली का दर,कंपनी ने आयोग के पाले में गेंद डाल दिया है। अब सबकी निगाहें विद्युत नियामक आयोग पर टिकी है।

बिजली अफसरों के अनुसार यदि आयोग इस 3233 करोड़ के राजस्व की कमी को स्वीकार कर लेता है तो बिजली की दरें बढ़ानी पड़ेगी। अब तक राजस्व की पूर्ति के लिए किसी श्रेणी की बिजली दर किनती बढ़ानी है, इसका कंपनी के टेरिफ पिटिशन में उल्लेख रहता था। इस बार कंपनी ने ऐसा नहीं किया है।

बिजली इंजीनियरों के अनुसार ऐसा करके कंपनी ने एक तरह से आयोग के पाले में गंेद फेंक दिया है। अब आयोग सुनवाई के बाद तय करेगा कि यदि कंपनी को नुकसान हो रहा है तो उसकी पूर्ति के लिए किस श्रेणी की बिजली दर किनती बढ़ाई जाए।

विद्युत नियामक आयोग के सचिव एसपी शुक्ला ने कहा कि कंपनी को डिटेल प्लान देना चाहिए था, लेकिन नहीं दिया गया है। हम इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की दरें तय करने की प्रक्रिया निर्धारित है। कंपनी से मिलने वाले प्रस्तावों का हर तरह से परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जनसुनवाई होगी। सभी पक्षों को सुनने के बाद ही आयोग दर तय करेगा।

किस श्रेणी से कितने राजस्व की उम्मीद

श्रेणी राशि (करोड़ स्र्पये में)

घरेलू (बीपीएल सहित) 2,591.83

गैर घरेलू 194.67

गैर घरेलू (थ्री फेस) 667.53

कृषि 1,867.45

औद्योगिक 361.07

सार्वजनिक उपयोग 261.88

अस्थयी कनेक्शन 404.47

रेलवे 467.98

खदान 596.86

स्टील प्लांट 5,059.74

अन्य उद्योग 1,812.04

Posted By: Anandram Sahu