अम्बिकापुर। सूरजपुर जिले के रमकोला से लगे एलीफैंट रेस्क्यू सेंटर में जंगली हाथी 'प्यारे' ने शनिवार की शाम हमला बोल दिया। घटना के वक्त रेस्क्यू सेंटर में पांच कुमकी सहित कुल 7 हाथी और वन विभाग के कर्मचारी व महावत भी मौजूद थे। बार-बार प्यारे हाथी रेस्क्यू सेंटर के चारों ओर लगे लोहे के गार्डर पर हमला करता रहा। लेकिन वह भीतर नहीं प्रवेश कर सका। जिससे अनहोनी घटना टल गई। यदि रेस्क्यू सेंटर की सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के गार्डर सही तरीके से खड़े नहीं रहते तो बड़ी घटना हो सकती थी। इस घटना ने हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रबंध पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरगुजा वन वृत्त के सूरजपुर जिले के तमोर पिंगला अभयारण्य क्षेत्र से लगे वन क्षेत्र को वन विभाग द्वारा एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। वन विभाग ने जंगली हाथियों को काबू में करके उनके व्यवहार में परिवर्तन लाने की मंशा से इसका निर्माण कराया था।

यह अलग बात है कि रेस्क्यू सेंटर अभी तक अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर सका है। रेस्क्यू सेंटर के चारों ओर सुरक्षा के लिए लोहे के बड़े-बड़े गार्डर का घेरा लगाया गया है और जीआई तार भी खींची गई है। जिसमें समय-समय पर सौर ऊर्जा का करंट भी प्रवाहित किया जाता है। वर्तमान में रेस्क्यू सेंटर में कर्नाटक से लाए गए पांच कुमकी हाथी की मेहमान नवाजी की जा रही है। इसके अलावा कई वर्ष पहले सरगुजा और बिलासपुर रेंज में पकड़े गए दो हाथियों को भी इस रेस्क्यू सेंटर में ही रखा गया है। कुल मिलाकर यहां सात हाथी रखे गए हैं इनकी देखरेख के लिए महावत और चारा कटर के साथ मैदानी वन कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। जो यहीं निवास करते हैं। शनिवार को जंगली हाथी प्यारे अपने दल के साथ रेस्क्यू सेंटर से लगे जंगल में पहुंच गया। शाम को रेस्क्यू सेंटर के हाथियों की आवाज सुनकर वह जंगल से बाहर निकला और रेस्क्यू सेंटर में प्रवेश करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा।

कई बार उसने सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के गार्डर और तार को तोड़ने की कोशिश की लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। लंबे समय तक प्यारे हाथी रेस्क्यू सेंटर के नजदीकी ही जमा रहा और बीच-बीच में दौड़ लगाते हुए पूरी ताकत के साथ सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के गार्डर को ध-ा देता रहा ।इस दौरान वन कर्मचारी और महावत दहशत में रहे। लेकिन उन्हें विश्वास था कि हाथी,सेंटर के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेगा ।

संघर्ष में टूट चुका है हाथी का एक दांत

सरगुजा वनवृत्त में विचरण कर रहे हाथियों में प्यारे हाथी को सर्वाधिक आक्रामक माना जाता है यह दंतैल हाथी है। इसके दल में 13-14 अन्य हाथी भी घूम रहे हैं। पूर्व में प्यारे हाथी का सोनगरा के जंगल में एक अन्य हाथी से संघर्ष भी हुआ था जिसमें उसके दांत का एक हिस्सा टूट चुका है। यह एकमात्र हाथी है जिसमें सेटेलाइट कॉलर आईडी लगी हुई है। सेटेलाइट के जरिए उसका लोकेशन भी ट्रेस किया जाता है, उसके बावजूद शनिवार को इस दल पर सही निगरानी नहीं की जा सकी ।यही वजह रही कि वह रेस्क्यू सेंटर तक पहुंच गया।

Posted By: Nai Dunia News Network