रायपुर। Expected Budget: छत्तीसगढ़ सरकार का बजट आने वाला है। हर सेक्‍टर की नजर इस पर टिकी हुई है। उम्‍मीदों को पंख लगेगा या नहीं, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन मांग उठनी शुरू हो चुकी है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन ने भी मांग उठा दी है।

प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ट्यूट कर पेंशनर का दर्द बयां किया। उन्‍होंने कहा, केंद्र द्वारा जुलाई 2019 से घोषित और छत्तीसगढ़ में लंबित 5% महंगाई राहत की राशि राज्य के पेंशनरों को दी जाए। इसके भुगतान के लिए आगामी बजट में प्रावधान किया जाए। पेंशनरों को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार अपना खजाना खोले।

वित्तीय हालत खराब होने की बहानेबाजी न करते हुए मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के परिपालन में मध्यप्रदेश शासन से सहमति की प्रकिया तुरंत पूरी करने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 5% महंगाई राहत की राशि छत्तीसगढ़ सरकार के बजट से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (आईएएस,आईपीएस, आईएफएस आदि) को दिए जाने को घोर आपत्तिजनक बताया है।

सेवारत राज्य सेवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसे देने पर रोक है, तो उन्हें भी क्यों दिया जा रहा है। जबकि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सरकार सहित अन्य कुछ राज्य सरकारों ने भी भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी महंगाई भत्ते देने पर रोक लगाकर रखा हुआ है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार वित्तीय संकट का हल्ला करते हुए भी उन्हें भुगतान करके खजाना खाली करती जा रही है।

Posted By: Azmat Ali

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