संदीप तिवारी, नईदुनिया एक्सक्लूसिव, रायपुर। Research On Human Face: कहते हैं, चेहरा व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है। व्यक्ति जो सोचता है, जैसे विचार रखता है, उसका चेहरा सबकुछ बयान कर देता है। कुछ लोग तो यह भी दावा करते हैं कि वह चेहरा देखकर आदमी को पहचान जाते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए एक अध्ययन में इस विचार को परखने की कोशिश की गई तो परिणाम उलट गए। विश्व के 41 देशों में 11,570 लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चला कि लोग अपनी कला-संस्कृति और सभ्यता के आधार पर चेहरा देखकर व्यक्ति का आकलन करते हैं।

भौगोलिक सीमा बदलते ही चेहरे के प्रति नजरिए में बदलाव हो जाता है। जिस चेहरे का आकलन हम दयालु स्वभाव के रूप में करते हैं, दूसरे देश में उसे निर्दयी स्वभाव वाला भी माना जा सकता है। रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के लाइफ साइंस विभाग के प्रोफेसर एके पति व डॉ. आरती परगनिहा के नेतृत्व में डॉ. बबिता पांडेय, प्रतिभा कुजूर, नूरशमां परबीन, माइग्रेट सिंह, प्रियंका चंदेल और श्रद्धा प्रधान स्कालरों ने इस अध्ययन में देश का प्रतिनिधित्व किया।

डॉ. पति ने बताया कि विश्व के 156 संस्थानों से 242 अनुसंधानकर्ता इसमें शामिल हुए। मनोवैज्ञानिक, जीववैज्ञानिक व सामाजिक आधार पर मानव व्यवहार से संबंधित शोध प्रकाशित करने वाली अंतरराष्ट्रीय पत्रिका नेचर ह्मूमन बिहेवियर में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। रविवि में पहली बार नेचर ग्रुप जनरल में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। डॉ. पति ने बताया कि विश्वभर में ओस्टरहोफ व टोडोरोल नाम के दो विज्ञानियों के माडल के आधार पर चेहरों का मूल्यांकन किया जाता रहा है।

इससे व्यक्ति के 13 गुणों को चेहरे से ही आंक लेने का दावा होता रहा है। ओस्टरहोफ और टोडोरोव वैज्ञानिक के वैलेंस-डोमिनेंस विधि के साथ वैकल्पिक विधि से रेपालिकेट साफ्टवेयर बनाकर विश्व के 11 क्षेत्रों के 41 देशों में अध्ययन किया गया तो थ्योरी बदल गई। वैलेंस-डोमिनेंस विधि से सभी के चेहरे का मूल्यांकन तो एक जैसा रहा है पर वैकल्पिक विधि में बहुत कम समानता मिली।

चेहरे से चरित्र जानने में संस्कृति का रोल

विज्ञानियों के अनुसार आपकी मुस्कान सामने वाले को पहली नजर में आपका स्वभाव सरल और सहयोगी बताती है। बड़ी-बड़ी आंखें आपके युवा, ऊर्जावान व आक्रामक को बताती हैं। चेहरे का आकार मर्दाना होने की सूरत में ये आपके अधिकार जमाने वाले वाले स्वभाव को दर्शाता है। इन चेहरों को अलग-अलग क्षेत्र में अपने-अपने नजरिये से बताया गया है। चेहरा देखकर व्यक्ति के क्रूर, आक्रामक, आकर्षक, भरोसमंद, बुद्धिमान, जिम्मेदार, स्थिर, भावुक, सामाजिक, दुखी, अजीब होने आदि गुणों का पता लगाने में स्थानीय संस्कृति, व्यक्ति की उम्र, समझ और क्षमता के कारण भिन्न्ता देखने को मिली है।

यह है वैकल्पिक विधि

ओस्टरहोफ व टोडोरोव विज्ञानियों की मूल विधि में एक ही स्केल पर चेहरा देखकर विभिन्न् सामाजिक गुणों जैसे उत्तरदायित्व, आत्मविश्वासी, सामाजिकता, संक्रीर्णता सहित 13 गुणों का मूल्यांकन किया जाता रहा है। जबकि इसी विधि के वैकल्पिक रूप में पहली बार क्षेत्र, व्यक्ति की उम्र, संस्कृति और सभ्यता प्रमुख फैक्टर मानकर आकलन कराया गया। इसमें अलग-अलग उम्र के समूह ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।

Posted By: Shashank.bajpai

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