रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कहानी - मोबाइल

संदर्भ -झूठ-कपट

संदेश - दिन-रात मोबाइल से न चिपकें

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

विवेकानंद नगर ज्ञान वल्लभ उपाश्रय में साध्वी चंदनबाला ने कहा कि व्यक्ति को आज तेजी से कोई वस्तु पतन की ओर ले जा रही है तो वह मोबाइल है। लोग बात-बात पर झूठ बोलने लगे हैं। कोई फोन करके पता पूछ ले तो कहेंगे मैं यहां हूं। जहां बैठे हैं, वहां का पता नहीं बताएंगे। अगर आपने कुछ गलत नहीं किया तो सच कहने से भला कैसा परहेज। हाथ में रखे मोबाइल ने आज लोगों के चेहरे से स्माइल गायब कर दी है।

छल-कपट का फल भोगना पड़ेगा

परमात्मा के मंदिर में गए हैं और आपके मन में कपट भरा पड़ा है तो ऐसी पूजा का कोई फायदा नहीं। देवरानी-जेठानी की दो औलाद हैं। सुबह स्कूल जाते वक्त देवरानी दोनों बच्चों को दूध देती है, लेकिन मलाई वह किसके गिलास में डालेगी। जाहिर सी बात है अपने बच्चे के गिलास में। यही कपट है। जो सूक्ष्म से लेकर व्यापक स्तर पर पूरे संसार में फैला हुआ है। व्यापारी व्यापार में मुनाफा कमाने घी में चर्बी, दूध में पानी, केसर में घास मिला रहे हैं। पैकिंग ऐसी कर देते हैं मानो इससे बेहतर क्वालिटी का सामान कहीं और नहीं मिलेगा, लेकिन अंदर तो सब मिलावटी है। ऐसा करके आज भले वे यह सोच लें कि उन्होंने ग्राहकों को ठगकर मुनाफा कमा लिया, लेकिन वास्तव में यह छल खुद से किया गया छल है, जिसका परिणाम देर-सवेर उन्हें ही भोगना होगा।

मूर्ख कैमरे और ज्ञानी एक्स-रे के समान

बाहरी चमक-धमक नहीं बल्कि भीतर की चमक अच्छी होनी चाहिए। कैमरा और एक्स-रे की तरह। फोटोग्राफर कैमरे में तस्वीर उतारने से पहले कहता है स्माइल। लोग दिखावे के लिए हंसते हैं और तस्वीर वैसी आ जाती है। यह प्रदर्शन से ज्यादा कुछ नहीं। वहीं, एक्स-रे को बाहरी दिखावे से फर्क नहीं पड़ता। वह शरीर की वही तस्वीर सामने लाता है जो वास्तविक है और जिसे देखना जरूरी है। मूर्ख व्यक्ति कैमरे के समान हैं और ज्ञानी एक्स-रे के समान।

Posted By: Nai Dunia News Network