रायपुर। Agriculture News: धमतरी जिले में महानदी मुख्य नहर में सिंचाई पानी छोड़े जाने के बाद सहायक नहरों से पानी खेतों में तेजी से पहुंच रहा है। खेतों में पानी भरने के बाद रबी धान की फसल की तैयारी में किसान और मजदूर काफी व्यस्त हो गए हैं। वहीं बोर से सिंचाई सुविधा वाले किसान अपने खेतों में रोपाई का काम शुरू कर चुके हैं।

रबी सीजन में कृषि विभाग ने धान फसल लेने के लिए 30,000 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है, लेकिन गंगरेल बांध से सिंचाई पानी छोड़े जाने के बाद यह रकबा बढ़कर करीब 65,000 हेक्टेयर क्षेत्र हो जाएगा। कृषि विभाग अपने रिकॉर्ड में सिर्फ 30,000 हेक्टेयर क्षेत्र पर धान की फसल लेना दर्शाया रहा है। पिछले दिनों रुद्री से महानदी मुख्य नहर में सिंचाई पानी छूटने के बाद सहायक नहरों से होकर नहर किनारे खेती-किसानी करने वाले किसानों के खेतों में सिंचाई पानी तेजी से भर गया है।

किसान खेतों में ट्रैक्टरों से हल चलाकर रोपाई व लाईचोपी पद्धति से धान लगा रहे हैं। खेतों में 18 से 20 घंटे तक ट्रैक्टरों से किसान हल चला रहे हैं, ताकि समय पर रोपाई व धान का छिड़काव कर सके। किसान मजदूर इन दिनों रबी धान फसल लेने में व्यस्त है। वहीं बोर सिंचाई सुविधा वाले किसानों के खेतों में भी द्रुतगति से रोपाई जारी है। रोपाई शुरू होने से ग्रामीण अंचलों में किसान मजदूरों की किल्लत से जूझ रहे हैं।

1700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

जल संसाधन विभाग के एसडीओ एमडी महंत ने बताया कि रुद्री बैराज से महानदी मुख्य नहर में 1,700 क्यूसेक सिंचाई पानी छोड़ा जा रहा है, जो सहायक नहरों से किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है। शुरुआत में 1,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसे डिमांड के आधार पर बढ़ाया गया है। फिलहाल इस पानी का उपयोग धमतरी और कुरूद क्षेत्र के किसानों के खेतों में हो रहा है। अभनपुर क्षेत्र के किसानों के लिए जल्द ही पानी छोड़ने की संभावना है। जबकि गुरुर ब्लॉक के किसानों के लिए एमएफसी से सिंचाई पानी छोड़ा गया है।

Posted By: Shashank.bajpai

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags