रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक दिसंबर यानी तीन दिनों के बाद से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हो जाएगी। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के किसान अपनी उपज बेचने की तैयारी में जुटे हुए हैं। शुक्रवार से जिले में टोकन वितरण भी शुरू हो गया है, लेकिन ऐन मौके पर ही मौसम की बेरूखी ने जिले के अन्नादाताओं की परेशानी को बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि किसान टोकन लेने सोसायटी जाएं या फिर बदली-बारिश से बचाने खेत-खलिहानों में रखी फसलों को समटे। किसान परेशान हो गए हैं। पिछले दो दिनों से मौसम ने परेशान किसानों की चिंता और बढ़ा दिया है। जिले में ज्यादातर किसान अपनी फसलों को सुरक्षित समेटने में लग गए हैं। इधर टोकन वितरण के पहले दिन जिले के सोसायटियों में भी किसानों जमकर भीड़ उमड़ी। टोकन लेने की हड़बड़ी में किसानों ने कोरोना महामारी के बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों को भी भूल गए। शारीरिक दूरी की भी धज्जियां उड़ी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ एसके वर्मा ने बताया कि पहले दिन जिले में करीब 38 हजार क्विंटल धान खरीदने के लिए टोकन जारी किया गया है। इसमें किसानों की संख्या अपडेट नहीं की गई है। पूरी प्रक्रिया आनलाइन है।

दक्षिण भारत में आए निवार तूफान का असर जिले में भी पड़ा है। पिछले दो दिनों से जिले का मौसम खराब है। दो दिनों से धूप-छांव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को जिले के कुछ हिस्सों पर बूंदाबादी तक हुई। ऐन धान खरीदी शुरू होने से पहले बदलीनुमा मौसम ने जिले के किसानों की परेशानी हो दोगुनी कर दिया है। बूंदाबादी और बदली के चलते खेत और खलिहान में रखी फसलों को किसान समटेने में जुट गए है। किसानों की परेशानी यह भी है कि खेत और खलिहान की फसलों को रखे कहां। पखवाड़ेभर पहले से कटाई व मिंजाई कराने वाले किसान भी घरों में चूहों के आंतक से परेशान है। इधर बिगड़े मौसम ने भी किसानों को मजबूर कर दिया है कि वो फसलों को खेतों से समेट ले। इस स्थिति में किसान दोनों ओर से दिक्कत में फंस गए हैं। धान खरीदी में देरी और बदलीनुमा मौसम किसानों के लिए किसी आफत से कम नहीं है। किसानों को इससे नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

0 टोकन वितरण में निर्देशों की उड़ी धज्जियां

शुक्रवार से जिले में धान बिक्री करने के लिए टोकन वितरण भी शुरू हो गया है। पहले दिन टोकन लेने की मारामारी में किसानों ने कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए जारी निर्देशों का भी पालन नहीं किया। सोसायटियों में भी कर्मचारियों ने अनदेखी की। इसके कारण टोकन लेने सोसायटियों के बाहर किसानों में धक्का-मुक्की तक हुई। शारीरिक दूरी को छोड़ किसान एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने की कवायद में लगे रहे। बताया गया कि पहले दिन जिले में करीब 38 हजार क्विंटल धान खरीदने के लिए किसानों को टोकन दिया गया है।

0 खेत व खलिहान की ओर दौड़े किसान

बदलीनुमा मौसम से नुकसान होने की संभावना को लेकर किसानों का रूख शुक्रवार को परिवार सहित खेत व खलिहान की ओर रहा। दिनभर किसान खेत और खलिहान में रखी उपज को समेटेने में लगे रहे। वर्तमान में ज्यादातर किसानों की फसलें खेतों में ही रखी हुई है। वहीं अधिकांश किसानों ने मिंजाई के बाद खलिहान में ही उपज की रखवाली कर रहे हैं। किसानों को बेसब्री से धान खरीदी शुरू होने का इंतजार है। राहत की बात यह है कि इस साल खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है। पहले 114 केंद्रों में खरीदी होती थी। इस वर्ष 18 नए खरीदी केंद्र बनाए गए है। इन नए केंद्रों के बनाए जाने से किसानों को उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

जानिए अन्नादाताओं को किस तरह हो रही परेशानी

- खरीदी में देरी की वजह से परेशानी बढ़ी

शहर के ग्रामीण वार्ड सिंगदई के किसान रामजी सोनकर कहा कि सरकार ने धान खरीदी में देरी की, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। टोकन वितरण के लिए भी व्यवस्था नहीं बनाई गई है। इस कारण किसान परेशान हैं। खरीदी में विलंब होने से हर किसान जल्दबाजी में है।

- व्यवस्था तो बनानी थी

शहर के हल्दी वार्ड के किसान बिहारी सोनकर ने कहा कि टोकन वितरण तो हर साल होता है। इस साल कोरोना महामारी को देखते हुए सोसायटियों में व्यवस्था बनानी थी। अव्यवस्था के कारण ही सोसायटियों में किसानों की भीड़ उमड़ी। इससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का डर तो हैं, लेकिन टोकन जल्दी लेकर अपनी उपज बेचने की सबको हड़बड़ी है। प्रशासन व्यवस्था बनाए।

- मौसम ने बढ़ाई चिंता

शहर के ग्रामीण वार्ड मोहड़ के अन्नादाता कृष्णा साहू ने कहा कि लगातार मौसम खराब हो रहा है। जिससे परेशानी बढ़ गई है। फसलों में नमी आ गई है। इसका कारण मौसम के साथ खरीदी में देरी भी है। एक नवंबर से खरीदी शुरू हो गई होती तो ज्यादातर किसान अपनी उपज बेच चुके होते। देरी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

- उपज को सुरक्षित रखने की दिक्कत

शहर के सिंगदई वार्ड के किसान बश्वा यादव ने कहा कि दो दिनों से बदलीनुमा मौसम फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। फसलें खेतों में ही रखी है। मौसम खराब होने के साथ टोकन वितरण शुरू हो जाने से किसानों को दोनों ओर भाग-दौड़ करना पड़ रहा है। घरों में रखी फसल को भी चूहे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस कारण परेशानी बढ़ गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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