रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मंडल में पहले बूट मॉडल लांड्री प्लांट का उद्घाटन डीआरएम कौशल किशोर ने किया। रेलवे के मुताबिक यह बिल्ड, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर पर आधारित प्लांट है। इससे यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल मिलेंगे। अब दुर्ग से छूटने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिनेन को धुलने के लिए बाहर नहीं भेजना होगा। प्लांट की लागत लगभग दो करोड़ सात लाख रुपये है। यहां प्रतिदिन आठ टन लिनेन की धुलाई की जा सकती है।

इस प्लांट में पर्दे, तौलिया, तकिया कवर और कंबल भी धुलेंगे। यह प्लांट इतना आधुनिक है कि इसमें बेडरोल धुलने के बाद प्रेस भी हो जाएगा। साथ ही पैकेट में पैक हो जाएगा। इस प्लांट की खासियत यह होगी कि इसमें उपयोग में लिए गए पानी को रिसाइकल कर पुनः काम में लिया जाएगा। ऑटोमेटिक लांड्री में लिनेन की धुलाई और उसे सुखाने के लिए मौसम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसमें अच्छी क्वॉलिटी के केमिकल इस्तेमाल किए जाएंगे। अच्छी किस्म के ड्रायर भी लगाए गए हैं । इसकी मदद से बारिश के दिनों में भी लिनेन को आसानी से सुखाया जाएगा।