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रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

समता कॉलोनी स्थित विप्र भवन में रविवार को इप्टा राष्ट्रीय सांगठनिक कार्यशाला के अवसर पर छत्तीसगढ़ी कलाकरों ने लोकगीत, नृत्य व पारंपरिक गम्मत नाटक गपशप के माध्यम से सभी सभी का मन मोह लिया। छत्तीसगढ़ी भाषा में मंचित इस नाटक में व्यक्ति को धमंड न करने का संदेश दिया गया है। निशार अली द्वारा निर्देशित नाटक की शुरुआत दो सूत्रधार से होती है, जो लोगों को कहानी से अवगत कराते हैं। नाटक में गांव का चित्रण किया गया। गांव में चाय बेचकर जीवन व्यापन कर रहे नरेश और शांति दुकान में एक दिन कारोबारी चाय पीने पहुंचता है, जो नरेश से कुछ दिनों में मित्रता कर दोनों के बीच आपसी झगड़े करता देता है और दुकान पर रहने लगता हैं। जब नरेश और शांति को यह बात पता चलती हैं कि संबंध खराब होने की वजह कारोबारी हैं, दोनों उसे सजा देने कारोबारी के पास पहुंचे हैं। नरेश, तुमने मित्रता की आड़ में दोनों के बीच संबध क्यों खराब किए? कारोबारी ने जवाब दिया, मुझे दोनों की खुशी देखी नहीं जा रही थी इसलिए अपने फायदे के लिए तुम्हारे बीच झगड़े करा दिया। आजकल जमाना भी इसी का चल रहा है। दोनों ने पुलिस बुलाकार सजा देने का निर्णय लिया। लेकिन गांव के सरपंच ने समाज के बैठकर बुलकरा उसे चाय की दुकान में काम कराने का फैसला लिया ताकि कारोबारी भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करे।

लोकनृत्य ने सभी को झुमाया

कार्यक्रम में कलाकरों द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई। कर्मा ददरिया गीतों की प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। इस दौरान लोकगीत में सोन चिरैया, सुआ जैसे छत्तीसगढ़ी गाने पेश किए गए। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने महासमुंद, कुरुद, बलौदाबाजार जिले से कलाकार आए हुए थे। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोगों ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीतों व नृत्यों का आंनद लिया।

25 इम्तियाज 11 समय 10ः04-संतोष