पराग मिश्रा/रायपुर। राजधानी के होटलों और रेस्टोरेंट में एक बार फिर रौनक का दौर है। कोरोनाकाल ने खाने के शौकीन लोगों को इससे दूर कर दिया था। आनलाइन के जरिए आर्डर देकर ही यह शौक पूरा होता रहा। लेकिन संक्रमण के दौर में सुधार आने के बाद से धीरे-धीरे कर माहौल आज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। युवाओं का ग्रुप ही नहीं, सपरिवार भी लोग होटलों और रेस्टोरेंट तक पहुंचकर लजीज व्यंजनों और भोजन का स्वाद ले रहे हैं। आर्डर से मंगाए गए व्यंजनों में जिस संतुष्टि को वे महसूस नहीं कर पा रहे थे, वह अब उन्हें मिल रही है।

अब गर्मागर्म व्यंजनों का स्वाद लेने सपरिवार पहुंच रहे

राजधानी के लगभग सभी प्रसिद्ध होटलों और रेस्टोरेंट में इन दिनों काफी भीड़ नजर आती है। इनके बाहर आधी रात तक चारपहिया गाड़ियों की लंबी कतार लगी रहती है। ढाबों का नजारा ऐसा ही है। चौपाटियां तो मेले-सी दिखाई देने लगी हैं। इन स्थानों में पहुंचने वालों का कहना है कि गर्मागर्म व्यंजन, भोजन समेत खान-पान की अन्य चीजों का स्वाद लेने का आनंद ही अलग है। वहीं दूसरी ओर इन संस्थानों के संचालक भी ग्राहकों को बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं।

स्थिति यह हो गई है कि कई आनलाइन कंपनियों ने अपने सेंटर बंद कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आनलाइन भोजन परोसने वाली कंपनियों का कारोबार 40 प्रतिशत तक घट गया है। छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन के संरक्षक कमलजीत सिंह होरा ने बताया कि अब होटलों में लोगों का आना फिर से शुरू हो गया है। पार्टियां व अन्य कार्यक्रम भी अब होटलों में होने लगे हैं। यह कारोबार एक बार फिर तेजी पर है।

वीकेंड के साथ आम दिनों में भी होटलों में रौनक

इन दिनों वीकेंड यानी शनिवार और रविवार के साथ ही आम दिनों में भी होटलों में खाने के श्ाौकीनों की भीड़ नजर आती है। वीकेंड में तो बहुत से होटलों का नजारा ऐसा होता है कि खाने के लिए लोगों को काफी इंतजार भी करना पड़ता है।

दोसा से लेकर लस्सी तक में अलग पहचान

एमजी रोड स्थित होटल मंजू ममता को स्वाद का हर श्ाौकीन व्यक्ति जानता है। यहां रायपुर के साथ ही बाहर से भी लोग आकर अपने पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद लेते हैं। यह होटल मुख्य रूप से छोले भटूरे, पाव भाजी, दोसा, पुलाव के साथ ही लस्सी के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। इसके सामने ही नाइट चौपाटी लगने के बाद भी यहां ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। मंजू ममता के संचालक मिकी दत्ता ने बताया कि अब होटलों में कारोबार की रफ्तार बढ़ने लगी है।

ससुराल जैसे भोजन का अलग लुत्फ

जयस्तंभ चौक में इन दिनों ससुराल जैसा खाना के नाम से संचालित रेस्टोरेंट चर्चा में है। लोग यहां परोसे जाने वाले हर व्यंजन को काफी पसंद कर रहे हैं। यहां का थाली भोजन के साथ ही दाल-बाटी चूरमा का अपना अलग ही स्वाद है। संचालक रूपेश जोशी ने बताया कि लाजवाब स्वाद और बेहतर सर्विस के चलते काफी कम समय में यह लोगों का पसंदीदा बन गया है।

रुचि बढ़ने के प्रमुख कारण

1. गर्मी शुरू हो गई है। इसके चलते लोग बाहर घूमने के साथ ही खाना ज्यादा पसंद कर हैं।

2. आनलाइन भोजन परोसने वाली कंपनियों की तुलना में होटलों व रेस्टोरेंट का गर्म खाना ज्यादा स्वादिष्ट होता है।

3. लगातार घाटे को देखते हुए आनलाइन कंपनियों ने अपने बहुत से सेंटर बंद कर दिए।

ढाई माह में ही 300 करोड़ कारोबार

प्रदेश में इस वर्ष होटलों के कारोबार की रफ्तार बढ़ने का अंदाजा इससे ही लगाया सकता है कि बीते ढाई माह में इन्हें 300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया हैं वर्ष 2022 में ढाई महीने में यह आंकड़ा 150 करोड़ ही पहुंचा था। यानि इस वर्ष दोगुना कारोबार हुआ है। आने वाले महीनों में इसमें और बूम आने का भरोसा कारोबारी कर रहे हैं।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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