रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष तय करने से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बस्तर के आदिवासी विधायक मनोज मंडावी और मोहन मरकाम से मुलाकात की। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया की मौजूदगी में राहुल ने मंडावी और मरकाम से करीब आधे घंटे चर्चा की। इसके बाद राहुल ने पांच-पांच मिनट दोनों से एकांत में चर्चा की।

बताया जा रहा है कि सीतापुर विधायक अमरजीत भगत के प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से बाहर होने के बाद मंत्री टीएस सिंहदेव ने मंडावी और मरकाम का नाम आगे किया है। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो राहुल ने वन टू वन चर्चा में दोनों नेताओं से प्रदेश के राजनीतिक समीकरण के साथ पार्टी के विस्तार और संगठन को साथ लेकर चलने की रणनीति पर विचार किया।

कांग्रेस के आला नेताओं ने बताया कि मंडावी आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। तीसरी बार के विधायक मंडावी जोगी सरकार में राज्य मंत्री थे। भानुप्रतापपुर से विधायक मंडावी मध्यप्रदेश के समय में पहली बार विधायक चुने गये थे। उनकी छवि दमदार नेता की है। वहीं, दो बार के विधायक मरकार भी आक्रामक छवि के लिए जाने जाते हैं। विधानसभा में विपक्ष में रहने के दौरान मोहन ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। सरकार के खिलाफ आक्रामक रहने के बाद उनको उत्कृष्ट विधायक का भी पुरस्कार मिला है। राहुल से मुलाकात के बाद मरकाम ने कहा कि हमने मुलाकात के लिए समय मांगा था। प्रदेश के राजनीतिक हालात पर औपचारिक चर्चा हुई।


मां की तबीयत खराब होने से टला भूपेश का दौरा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी राहुल गांधी से मुलाकात होने वाली थी, लेकिन उनकी मां की तबीयत खराब होने के कारण अचानक दौरा टल गया। चर्चा है कि भूपेश की मौजूदगी में राहुल मंडावी और मरकाम से मुलाकात करना चाहते थे। हालांकि टीम राहुल ने भूपेश से दोनों नेताओं के बारे में फीडबैक लिया है।

Posted By: Hemant Upadhyay