रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

वन मंडलाधिकारी अब अपनी मर्जी से डिप्टी रेंजर तथा रेंजर को वन रेंज का चार्ज नहीं दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें पीसीसीएफ कार्यालय से अनुमति लेनी पड़ेगी। वन मुख्यालय ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया। इसका मकसद वन्यजीवों की तस्करी, प्रतिबंधित लकड़ी कटाई पर लगाम लगाना है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सीधी भर्ती से आने वाले रेंजर युवा हैं, इनको चार्ज मिलने पर फील्ड में कसावट आएगी।

ज्ञात हो कि वर्तमान में प्रदेश में करीब साढ़े चार सौ रेंज अफसर हैं। इनमें से 50 प्रतिशत पीएससी पास करके आए हैं, आधे प्रमोटी हैं। वर्तमान में डीएफओ तथा सीसीएफ खाली जगह पर अपनी मर्जी से किसी भी रेंजर या डिप्टी रेंजर को चार्ज दे देते हैं। इस पर मुख्यालय ने रोक लगा दी है। अब ऐसी स्थिति निर्मित होती है कि डीएफओ या सीसीएफ को मुख्यालय से अनुमति लेनी पड़ेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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