रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आंगनबाड़ियों के रखरखाव में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। भाठागांव क्षेत्र और मठपुरैना में चल रहीं 12 में से 9 आंगनबाड़ियों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। इनमें आने वाले लगभग 200 बच्चों को हर दिन चार घंटे तेज गर्मी में बिना पंखे के गुजारने पड़ रहे हैं। सूचना मिलने पर गुरुवार को नईदुनिया टीम ने इलाके का दौरा कर आंगनबाड़ियों का जायजा लिया।

यहां काम रही महिला कार्यकर्ताओं ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण पंखा, टीवी और कूलर नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा गैस नहीं होने के कारण सभी को लकड़ी वाले चूल्हे में खाना बनाना पड़ रहा है। गर्मी के कारण बच्चे आंगनबाड़ी पहुंचने के एक घंटे बाद ही रोने लगते हैं, घर जाने की जिद करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है खस्ताहाल आंगनबाड़ियों में सभी शासकीय जगह पर संचालित की जा रही हैं।

दो साल में नहीं दे पाए बिजली कनेक्शन

भाठागांव में क्रमांक 1 से 8 तक आगंनबाड़ी संचालित हैं। इनमें से क्रमांक 2 और 7 किराए के भवन में संचालित की जा रही हैं। बिजली कनेक्शन की बात करें तो आंगनबाड़ी क्रमांक 2 के अलावा किसी भी भवन में विद्युत कनेक्शन नहीं है, जबकि यहां शासकीय भवनों में दो साल पहले ही केंद्र स्थापित किए गए हैं।

4 में से 3 में नहीं है कनेक्शन

मठपुरैना इलाके में आंगनबाड़ी क्रमांक 9,10,11 और 12 संचालित की जा रही हैं। इनमें से क्रमांक 9 के अलावा किसी में बिजली कनेक्शन नहीं है। क्रमांक 9 और 11 किराए के कमरे तथा 10 और 12 शासकीय भवनों में संचालित की जा रही है।

यहां संचालित हो रहे हैं आंगनबाड़ी केन्द्र

भाठागांव में जागृति स्कूल और बैंक के पास 3 आंगनबाड़ी संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा कुंआपारा, सोनकर पारा, दंतेश्वरी मंदिर, सतनामीपारा, नाका चौक और लोहार चौक में आंगनबाड़ियां संचालित की जा रही हैं। संख्या घटकर हुई आधी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि हर केंद्र में 20 से 25 बच्चों का पंजीयन है, लेकिन मार्च के बाद से यहां आने वाले बच्चों की संख्या घटकर आधी हो गई है। जबकि खाना सभी के लिए बनाना पड़ता है।

बच्चों के आने के पहले बनाना पड़ता है खाना

केंद्रों में विद्युत कनेक्शन के अलावा गैस कनेक्शन भी नहीं हैं। कार्यकर्ताओं को मजबूरी में लकड़ी जलाकर चूल्हों में खाना बनाना पड़ रहा है। दो साल से यही सिलसिला चल रहा है। बच्चों को धुएं से भी काफी परेशानी होती है। इससे बचने के लिए बच्चों के आने के पहले ही खाना बनाकर रखना पड़ता है। इस तरह खाना ठंडा हो जाता है।

पार्षद पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय लोगों ने विभाग के अलावा पार्षद पर भी लापरवाह का आरोप लगाया है। तर्क दिया है कि पार्षद चाहें तो जोन स्तर पर आवेदन देकर विद्युत कनेक्शन और मीटर दिलवा सकते हैं। शिकायत करने पर पार्षद किरण साहू लोगों को लोक सुराज में आवेदन देने कहते हैं।

संबंधित अधिकारी को जांच कर तत्काल उचित व्यवस्था के निर्देश देता हूं। बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। -ओपी चौधरी, कलेक्टर रायपुर

मैंने कई बार आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को शिकायत की है। बिजली कनेक्शन और अन्य सुविधा देने की मांग की है। एक जगह कनेक्शन भी दिलवा चुका हूं। -किरण कुमार साहू, पार्षद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी

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