रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायपुर के देवपुरी स्थित सांईनाथ पैरा मेडिकल कालेज के संचालक नागेंद्र पांडेय के खिलाफ टिकरापारा थाना पुलिस ने चार सौ बीसी का अपराध कायम किया। कालेज के छात्र विवेक गिलहरे, डिगेश कुमार, ऋषभ ठाकुर, ललित पुजारी, जनार्दन साहू ने कालेज संचालक पर आरोप लगाया कि मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्धता बताकर उन्होंने 310 विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया। छात्रों की परीक्षा नहीं होने पर जब जानकारी ली गई तब पता चला कि कालेज का मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्धता नहीं है।

विद्यार्थियों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वर्ष 2019 से लेकर अब तक कालेज प्रबंधन विद्यार्थियों को धोखा देता आ रहा था। तीन साल से कोरोना संकटकाल का हवाला देकर पेपर नहीं लिया गया। इससे सभी छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

पांच करोड़ की ठगी

विद्यार्थियों का आरोप है कि कालेज प्रबंधन ने छात्रों से फीस के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये वसूले हैं। परीक्षा से वंचित छात्रों को जब पता चला कि कालेज का पंजीयन नहीं है तो उनके होश उड़ गए। इनमें से कुछ विद्यार्थी आटो रिक्शा चालक, किसान, मजदूर और गरीब परिवार के बच्चे हैं। इन छात्रों ने घर के जेवर, जमीन बेचकर कालेज का फीस जमा की थी। कालेज प्रबंधन के पास अभी भी विद्यार्थियों की टीसी, माइग्रेशन के मूल दस्तावेज हैं। छात्रों के अनुसार कालेज के डायरेक्टर राहुल द्विवेदी, संचालक नरेंद्र पांडेय, मैनेजर दिव्या टंडन, वीके त्रिपाठी से बात करने पर गाली-गलौज की और फीस, मूल दस्तावेज लौटाने से मना कर दिया। आरोपित फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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