रायपुर। हजयात्रा के नाम पर राजधानी समेत आसपास के जिलों के सौ से अधिक लोगों से 55 लाख रुपये वसूलकर फरार अकबरी टूर एवं ट्रेवल्स मौदहापारा के संचालक मोहम्मद शमीम खान धोखाधड़ी का एफआइआर दर्ज होने के बाद नागपुर में जाकर छिप गया था। बुधवार को वह दुर्ग पहुंचा। मुखबिर से सूचना मिलते ही बुधवार शाम को मौदहापारा पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने सारा दोष दिल्ली की सुपर इंटरप्राइजेस प्रालि कंपनी के ऊपर मढ़ दिया। उसने कहा कि कंपनी ने पैसे लेकर धोखा दिया। पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है।

मौदहापारा थाना प्रभारी यदूमणि सिदार ने बताया कि कृषकनगर, जोरा निवासी इंदिरा गांधी कृषि विवि में खेल अधिकारी डॉ. सुबुही निषाद ने पिछले दिनों थाने में मो.शमीम के खिलाफ लाखों ठगने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि ऊमरे के लिए सऊदी अरब ले जाने का वादा करके मो.शमीम ने एक लाख 80 हजार रुपये उससे ले लिए।

सऊदी अरब जाने के लिए सात अक्टूबर को मुंबई से फ्लाइट थी, लेकिन मुंबई बुलाकर शमीम गायब हो गया। तब से उसका मोबाइल बंद है और घर, ऑफिस में ताला लग गया। शमीम ने प्रत्येक हज यात्री से 50 हजार रुपये मुंबई से सऊदी अरब आने-जाने का हवाई जहाज का किराया और 15 दिनों तक मक्का और मदीने में रहने और खाने का खर्च बताकर लिया गया था।

सुबुही निषाद ने अपने पति लाल कुमार निषाद, पुत्र अर्ष एमन को हजयात्रा पर ले जाने डेढ़ लाख रुपये 31 अगस्त को चेक द्वारा शमीम की पत्नी नाजरीन खान के बैंक खाते में दिया था। बाद में 30 हजार रुपये और यह कहकर लिया कि सऊदी सरकार ने वीजा की कीमत 10 हजार रुपये बढ़ा दिया है। 7 अक्टूबर को मुंबई से सऊदी अरब जाने की फ्लाइट थी तथा वापसी 23 अक्टूबर, 2019 को होना बताया गया था। जब सभी हजयात्री मुंबई पहुंचे तो शमीम गायब हो चुका था। तीनों का पासपोर्ट और निकाहनामा भी उसके पास थे।

कंपनी ने 13.30 लाख लेना स्वीकारा

मो. शमीम से पूछताछ के बाद पुलिस ने कंपनी के कार्यालय में फोन पर संपर्क किया। पूछताछ में पता चला कि शमीम ने कंपनी के खाते में केवल 13 लाख 30 हजार रुपये जमा किए हैं, जबकि शमीम पूरे पैसे देना बता रहा है, पर उसके पास कोई दस्तावेज नहीं मिला।