रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी रायपुर में नकली सामान का कारोबार फल-फूल रहा है। करोड़ों के नकली इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, कास्मेटिक, खाद्य सामग्री, कपड़े समेत अन्य सामान खपाया जा रहा है। दरअसल नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क, स्टीकर का इस्तेमाल कर कारोबारी नकली सामान बेचने का गोरखधंधा रायपुर से लेकर पूरे प्रदेश में चला रहे हैं। पुलिस का दावा है कि हर माह 50 करोड़ से अधिक के नकली उत्पाद अकेले राजधानी में बेचा रहा है। सोमवार को मौदहापारा पुलिस ने क्राउन कंपनी का नकली स्टीकर लगाकर एलईडी टीवी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बेचने के मामले में प्रियदर्शिनी नगर निवासी कारोबारी जगदीश किंगरानी (50) को गिरफ्तार किया। उसकी दुकान से 14 नग नकली एलईडी टीवी जब्त की गई। इससे पहले भी कई कंपनियों का नकली सामान रायपुर में पकड़ा जा चुका है।

दिल्ली, मुंबई से पहुंचता है सामान

रायपुर में सबसे अधिक मुंबई और दिल्ली के बाजार से नकली सामान को खरीदकर कारोबारी यहां पर ट्रेन से लेकर आते हैं। नकली सामान का बाजार तेजी से ही यहां बढ़ रहा है। इस कारोबार से जहां नामचीन कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं इनके उत्पातों की बिक्री में भारी गिरावट आई है।

ऑनलाइन साइट भी दे रहे धोखा

नकली सामान बेचने के गोरखधंधे में अब ऑनलाइन शॉपिंग साइट भी शामिल हो गई है। ऑनलाइन खरीदारी करने वाले महेंद्र सिंह समेत अन्य खरीदारों का कहना है कि स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, नामतौल, अमेजॉन समेत अन्य साइट पर आर्डर देने पर उन्हें नकली उत्पाद प्राप्त हुए हैं। कारोबारियों का दावा है कि ऑनलाइन खरीदारी में सबसे अधिक इलेक्ट्रानिक्स, कास्मेटिक, स्पोर्ट्स का सामान, कपड़े आदि नकली सप्लाई किए जा रहे हैं।

लंबे समय से खपा रहा था नकली टीवी

मौदहापारा थाना प्रभारी राहुल तिवारी ने बताया कि शारदा चौक स्थित सातोसतनाम इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का संचालक जगदीश किंगरानी लंबे समय से क्राउन कंपनी का नकली स्टीकर लगाकर एलईडी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेच रहा था। शिकायत मिलने पर कंपनी के जांच अधिकारियों के साथ पुलिस ने दुकान में छापामार कार्रवाई की। मौके से 12 लाख रुपये के नकली इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। मामले में एटलस रेडियो ट्रेडर्स मुंबई के जांच अधिकारी अजय देवलिया की रिपोर्ट पर कारोबारी के खिलाफ धारा 420, 63, 65 कॉपी राइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।

ऐसे करें पहचान

ब्रांडेड कंपनियों के मिलते-जुलते अनेक नकली प्रोडेक्ट बाजार में हैं। पहली नजर में असली-नकली प्रोडेक्ट को पहचानना बड़ा ही मुश्किल होता है। यदि गौर से प्रोडेक्ट पर नजर डालेंगे तो आप असली-नकली की पहचान कर सकते हैं। नकली और असली प्रोडेक्ट में कुछ न कुछ ऐसा जरूर डिफरेंस होता है, जिससे वह पहचान में आ जाता है। जैसे-प्रोडेक्ट के नाम और स्पेलिंग में फर्क, बॉक्स पर डिटेल का अभाव, व्याकरण या मात्राओं की त्रुटि ही नहीं, उसकी डिजाइनिंग भी इस तरह से करते हैं कि पहली नजर में अच्छे-अच्छे गच्चा खा जाते हैं, कस्टमर चीजें खरीदते वक्त यदि होशियारी से सभी बातों पर ध्यान दें तो वे नकली सामान खरीदने से बच सकते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network