रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जंगल सफारी की शोभा बढ़ाने के लिए मैसूर से गौर और भेड़िया के जोड़े लाए जाएंगे। राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने जंगल सफारी प्रबंधन को इसकी अनुमति दे दी है। सफारी प्रबंधन ने उनके लिए बाड़े बना लिए हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते नहीं ला पा रहे हैं।

जंगल सफारी में टाइगर, व्हाइट टाइगर, चीतल, नीलगाय, भालू, मगरमच्छ सहित अधिकांश वन्य जीव हैं, लेकिन गौर और भेड़िया नहीं हैं। जंगल सफारी में टाइगर और लोमड़ी की संख्या ज्यादा है। मैसूर जू से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेड़िया और गौर लाने के लिए जंगल सफारी प्रबंधन ने राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को मार्च 2019 में पत्र भेजा। अक्टूबर 2019 में राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से इसकी अनुमति मिलने पर मैसूर जू को सफारी प्रबंधन ने एक लोमड़ी का जोड़ा दिया। उल्लेखनीय है कि जंगल सफारी लॉकडाउन में अभी बंद है। आम दिनों में यहां रोज 300 पर्यटक पहुंचते थे। पर्यटक भी भेड़िया, गौर लाने की मांग कर रहे थे।

खुले में विचरण करते हैं वन्यप्राणी

जंगल सफारी में वन्य जीवों को खुले में विचरण करते देखा जा सकता है। यहां रायल बंगाल टाइगर, एशियन लायन, व्हाइट टाइगर, तेंदुआ, कछुआ, पैंथर, घड़ियाल, मगरमच्छ, काला हिरण, नील गाय, सांभर, मोर आदि हैं। जंगल सफारी, अटल नगर रायपुर की डिप्टी डायरेक्टर एम. मर्सीबेला का कहना है कि मैसूर जू से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेड़िया और गौर लाना है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नहीं ला पा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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