रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग के उत्पाद अब आधुनिक तौर-तरीके से तैयार किए जाने लगे हैं। कुछ वर्षों से खादी के परंपरागत वस्त्रों की पूछपरख घट गई थी। लोगों की रुचि को ध्यान में रखते हुए आकर्षक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों में कारीगरों ने कई तरह के बदलाव किए गए हैं। कारीगरों ने तौलिया, बेडशीट समेत ताकिया का स्वरूप बदल दिया है। अब अल्फाबेट ट्रेंड में इन उत्पादों को खरीद सकते हैं। इसके अलावा बस्तर के मशहूर गोदना आर्ट की झलक भी दिखाई देगी। ग्रामोद्योग के उत्पाद अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत ई-खादी वेबसाइट में बिक रहे हैं। इसी कारण इन उत्पादों की मांग देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, जर्मनी, सिंगापुर, स्वाजीलैंड समेत अन्य देशों में है।

ग्रामोद्योग के डिजाइजर बिशासा आनंद और सेल्समेन राजेश कुमार ने बताया कि उत्पादों में बदलाव होने के कारण प्रदेश समेत दिल्ली और ठंडे प्रदेशों में मांग अधिक होने लगी है। लोग ज्यादातर उपहार में देने के लिए अल्फाबेट ट्रेंड वाले उत्पाद को काफी पसंद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में कई ब्रांडेड कपड़ों को टक्कर देने के लिए खादी कपड़ों में भी बदलाव किया जा रहा है, ताकि इस चकाचौंध में खादी के कपड़े लोगों के लिए पहली पसंद बन जाए। वहीं, खादी कपड़े एक वर्ग विशेष तक सीमित रह गए। ऐसे में अब इस चुनौती को निपटाने के लिए आकर्षक डिजाइनिंग में कपड़ों को पेश किया जा रहा है।

ग्रामीण महिलाएं कर रहीं तैयार

खादी के कपड़ों का बाजार पूरे छत्तीसगढ़ के कई जिलों में है। अभी बलौदाबाजार, बस्तर समेत रायपुर जिले के स्वसहायता समूह की महिलाएं इस तरह के खादी के कपड़े तैयार कर रही हैं।

बदलाव पसंद कर रहे लोग

खादी के कपड़ों की डिजाइनिंग में कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं। लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा कपड़ों में छत्तीसगढ़ परिवेश को ध्यान में रखकर कलाकारी भी की जा रही है।

-गोविंद देवांगन, प्रभारी, बिलासा हैंडलूम एंपोरियम

Posted By: Shashank.bajpai

NaiDunia Local
NaiDunia Local