रायपुर। छत्‍तीसगढ़ 10वी और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसी कई बच्‍चों ने अच्‍छे नंबर लाकर कमाल कर दिया जबकि कुछ या तो औसत नंबर ला पाए या असफल हो गए। ऐसे में शिक्षाविद और काउंसलर डॉ मंजिरी बक्षी ने उन बच्‍चों और परिजनों के लिए ऐसी जरूरी बातें बताई, जिस पर उन्‍हें जरूरी ध्‍यान देना चाहिए।

इतनी अच्छी और इतनी बड़ी जिंदगी में एक साल का मूल्यांकन हम किस प्रकार करते हैं, यह निर्भर करता है हमारे जीवन की ओर देखने का दृष्टिकोण और हमारे खुद के जीवन में क्या घटित हुआ यह पूर्व अनुभव। बच्चों के अच्छे या बुरे रिजल्ट को आप किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हो, यह आपके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी प्रतिक्रिया होगी।

जिनके बेहतरीन और अच्छे रिजल्ट आए हैं उन सबको शुभकामनाएं। पर हम बात करना चाह रहे हैं असमंजस से जूझते हुए पालकों से, जो रिजल्ट को देखते ही अपने मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर लेंगे या बच्चे का खराब कर देंगे।असली समस्या क्या है, यह पहचानने के बजाय हम आपस में लड़ते रहेंगे। इससे आपको तनाव, चिंता, अवसाद और आत्महत्या का विचार भी आ सकता है, जिससे स्थिति और भी विपरीत बन सकती है।

शांत रहकर कुछ ऐसा करके देखिए, बच्चे से कहने की कोशिश करें-"मैं वास्तव में इस रिजल्ट से हैरान हूं। मैंने देखा है कि आप कितनी मेहनत कर रहे थे। “मुझे इस बारे में सोचने के लिए कुछ समय चाहिए। हम इस बारे में कल बात करेंगे"।

जब समाचार बहुत अच्छा नहीं होता है, तो आप किसी प्रकार की सजा देने के लिए ललचा सकते हैं। लेकिन सजा आमतौर पर बच्चों को अगली बार बेहतर करने में मदद नहीं करती है।

यदि आपको लगता है कि चर्चा एक तर्क में बढ़ जाएगी, तो सबसे अच्छा तरीका यह हो सकता है कि आप एक ब्रेक लें और जब तक आप शांत न हो जाएं तब तक बाहर या दूसरे कमरे में चले जाएं। ओवररिएक्ट करना आपके बच्चे के आत्म-सम्मान को भी प्रभावित कर सकता है। अपने बच्चे को बताएं कि हालांकि आपको रिजल्ट पसंद नहीं है, फिर भी आप उससे बहुत प्यार करते हैं।

आलोचना करने से पहले समस्या की जड़ का पता लगाएं। अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। पर यह जरूर जानिए कि, आत्म-सुधार और आपके बच्चों के व्यक्तिगत विकास के लिए प्रतिक्रिया आवश्यक है। निर्णय के साथ नकारात्मकता के बजाय सकारात्मक कथन का उपयोग करके समस्या को इंगित करें।

बच्चे से कहें-

1. मुझे बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं, मैं यहां तब तक सुनने के लिए हूं जब तक आपको मेरी जरूरत है।

2. अगर आपको किसी चीज की जरूरत है तो मैं यहां आपके लिए हूं।

3. हर कोई किसी न किसी बिंदु पर विफल होता है।

4. चलो, कुछ देर के लिए आपका ध्यान चीजों से हटाकर टहलने चलते हैं।

एलेन पर्किन्स के अनुसार "बिना किसी संदेह के, सबसे मनोवैज्ञानिक रूप से सबसे हानिकारक चीज जो आप एक बच्चे से कह सकते हैं वह है 'मैं तुमसे प्यार नहीं करता' या 'तुम एक गलती थी'।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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