रायपुर। Chhattisgarh News : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज को आगे लाने के लिए हर दिशा में पहल कर रही है। उन्होंने डा. खूबचंद बघेल के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि समर्थ व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि समाज के कमजोर वर्ग का हाथ पकड़कर उसे आगे बढ़ाया जाए।

सरकार की भी यही सोच है कि आदिवासियों की संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन के साथ ही सामाजिक सुधार, आर्थिक व्यवस्था सुधरे, शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़े।

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय विकास सेवा संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के रायपुर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सीएम ने कहा कि उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के उत्तर एवं दक्षिण आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। यहां जंगल क्षेत्र होने के बावजूद भी सिंचाई के लिए पानी की कमी है।

किसानों के खेतो तक पानी पहंुचाने के लिए सरकार द्वारा नरवा योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत नदी-नालों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। यह काम अब वन विभाग के माध्यम से हो रहा है। इस योजना से यह भी लाभ मिला है कि अब जंगली जानवरों को जंगल में आसानी से पेयजल उपलब्ध हो रहा है, इससे रिहायसी क्षेत्रों में जंगली-जानवरों का आना रूका है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष जंगल में फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। सरकार की सोच है कि जंगल पर निर्भर रहने वाले वनवासियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि फलदार वृक्षों के नीचे तिखुर, हल्दी सहित अंतरवर्तीय फसलें लगाई जा सकती है।मुख्यमंत्री बघेल ने शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष आरएन ध्रुव सहित अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो, सदस्य अनुसूचित जनजाति नितिन पोटाई, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम और सचिव नवल सिंह मंडावी सहित अन्य पदाधिकारी और अनुसूचित जनजाति विकास सेवा संघ के सदस्य उपस्थित थे।

Posted By: Kadir Khan

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