रायपुर (राज्य ब्यूरो)। आरक्षण संशोधन विधेयक पर मंगलवार को भी राज्यपाल का हस्ताक्षर नहीं हो पाया। राज्यपाल अनुसुईया उइके के पास विधि सलाहकार की रिपोर्ट पहुंच गई है। राजभवन के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मंगलवार को राज्यपाल ने सचिव अमृत खलको, विधि सलाहकार अधिकारी और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ प्रविधानों पर चर्चा की। उम्मीद की जा रही है कि अभिमत मिलने के बाद ही राज्यपाल का हस्ताक्षर होगा। उधर, राज्यपाल का हस्ताक्षर नहीं होने पर राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री रविंद्र चौबे ने सवाल किया है।

रविंद्र चौबे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि तीन दिनों तक कानूनी सलाह के लिए विधेयक का रूका रहना चिंताजनक है। शुक्रवार को राज्यपाल ने एक दिन में हस्ताक्षर करने की बात कही थी। उम्मीद है आज हस्ताक्षर कर देंगी। क्योंकि छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों को आरक्षण का इंतजार है। यह उनके रोजगार और भविष्य का सवाल है।

शुक्रवार को विधानसभा से पारित विधेयक को उसी रात पांच मंत्रियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल उइके को सौंपा था। तब राज्यपाल ने कहा था कि उनके विधि अधिकारी अवकाश पर हैं। सोमवार को कामकाज शुरू होने पर हस्ताक्षर कर देंगी। चौबे से जब यह सवाल किया गया कि क्या किसी तरह का राज्यपाल पर दबाव है, तो उन्होंने कहा कि मैं यह आज नहीं कह सकता। लेकिन सिर्फ विधि विशेष्ाज्ञों की राय लेने में तीन दिन का समय लगे, इससे हम लोग चिंतित हैं।

Posted By: Pramod Sahu

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