रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चार महीने के बाद निलंबित एडीजी जीपी सिंह जेल से छूट गए हैं। हाईकोर्ट से जमानत आदेश मिलने के बाद शनिवार को उनकी रिहाई हो गई।आदेश में स्पष्ट रूप से उन्हें जमानत दिए जाने की शर्तो का उल्लेख किया गया है। इन शर्तो में रायपुर से बाहर रहना और मीडिया से दूरी बनाए रखना प्रमुख हैं। जेल से रिहा होने के बाद स्वजनों ने जीपी सिंह का स्वागत किया। जेल से छूटने के समय जीपी चारों ओर कुछ इस तरह देख रहे थे जैसे कि वो किसी नए संसार में आ गए हों। बाहर उनकी चलने की गति बहुत ही तेज थी। बाहर खड़ी पत्नी से गले मिलने के बाद उन्होंने वकील से पांच मिनट तक चर्चा की। फिर तीनों कार में बैठकर निकल गए। जेल परिसर में बड़ी संख्या में पत्रकार भी उपस्थित थे। जमानत की शर्तो का उल्लेख करते हुए जीपी ने इनसे बात करने से मना कर दिया।

जीपी सिंह के खिलाफ क्या है मामला

निलंबित एडीजी जीपी सिंह पर राजद्रोह के अलावा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। आर्थिक अपराध एवं अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की टीम ने उन्हें 11 जनवरी को नोएडा से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने पूछताछ के लिए सात दिनों तक रिमांड पर रखा। इसके बाद 18 जनवरी को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।

इन आठ शर्तों पर हुई रिहाई

-50 हजार का मुचलका।

- मीडिया से दूरी।

-अपनी संपत्ति को बिना कोर्ट आर्डर के सेल और बंधक नहीं बना सकते।

-बहाली के बाद हेडक्वार्टर रायपुर है तो रायपुर में रहेंगे, नहीं तो रायपुर से बाहर रहेंगे।

-रायपुर आने की स्थिति में इसकी जानकारी कोर्ट को जानकारी देंगे।

-जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए हर नोटिस पर एजेंसी आफिस जाएंगे।

-ट्रायल कोर्ट की हर पेशी पर उपस्थित रहना होगा अनिवार्य।

-केस के गवाहों से मुलाकात नहीं करेंगे।

Posted By: Ravindra Thengdi

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