रायपुर। यात्री अब नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम पर भरोसा कर सकेंगे। उन्हें स्टेशन पर खड़े होकर घंटों ट्रेन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि रायपुर रेलवे मंडल से चलने वाली अमरकंटक और सारनाथ एक्सप्रेस के इंजन में जीपीएस लोकोमोटिव सिस्टम लगाया गया है। इससे ट्रेन के करेंट लोकेशन का पता चलेगा। रेलवे के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में सेटेलाइट के माध्यम से ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी मिलती है, लेकिन जीपीएस लगने से ट्रेन के पल-पल की जानकारी मिलेगी, वास्तविक समय का पता चलेगा।

यात्रियों को काफी फायदा होगा। रायपुर रेलवे मंडल अंतर्गत इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की मरम्मत का काम भिलाई में किया जाता है। वर्तमान में भिलाई के विद्युत लोकोशेड में कुल 274 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन का काम किया जाता है। इसमें रायपुर मंडल से छूटने वाली कुल 14 ट्रेनों के इंजन की मरम्मत का काम किया जाता है।

नेशनल इंक्वायरी सिस्टम एप से मिलेगी जानकारी

रेलवे के अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों के इंजन में जीपीएस लगने से ट्रेन का लोकेशन दिखाने वाले रेलवे के नेशनल इंक्वायरी सिस्टम नामक एप से सटीक जानकारी मिलेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा। रात में सफर करने वाले यात्री इस एप पर ट्रेन का लोकेशन देख लेगें। यदि ट्रेन लेट हुई तो यात्री घंटों पहले स्टेशन नहीं आएगा।

इंजन के छत पर लगेगा जीपीएस

जीपीएस एंटीना ट्रेन की छत पर लगाया जाएगा। इसका प्रोसेसर यूनिट लोको की कैब में रहेगी। इसको काम करने के लिए 110- 110 वोल्टेज सप्लाई की आवश्यकता होती है। इसे लोको से लिया जाता है। सेटेलाइट कम्यूनिकेशन द्वारा ट्रेन की स्थिति सर्वर तक पहुंचाई जाती है। यह आइआरसीटी लोको में कृष नई दिल्ली की मदद से लागाया जा रहा है।

वर्तमान में यह दिक्कत

रेलवे के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्राइवेट कंपनी एप के माध्यम से ट्रेनों की अलग जानकारी दे रही थी। कंपनियों द्वारा रिजर्वेशन में दर्ज कराए गए मोबाइल नंबर के लोकेशन को गेस करके ट्रेन का लोकेशन बताया जा रहा था। इस वजह से ज्यादातर ट्रेनों की टाइमिंग में दस से 15 मिनट का फर्क हो जाता था।

वर्जन

रेलवे ने ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी के लिए किसी प्रकार की प्रणाली का उपयोग नहीं किया था। पहली बार मंडल की ट्रेनों के इंजन में जीपीएस लगाया जा रहा है। इससे यात्रियों को सही जानकारी मिल सकेगी।- कौशल किशोर, डीआरएम, रायपुर रेलवे मंडल