रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जेल विभाग की वेबसाइट पिछले पांच वर्षों से अपडेट नहीं होने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। वेबसाइट में सेवानिवृत हो चुके डीआइजी केके गुप्ता, अंबिकापुर जेल अधीक्षक रहे राजेंद्र गायकवाड़ और बिलासपुर के प्रभारी जेल अधीक्षक रहे केके मिश्रा का नाम दर्ज हैं। जबकि, तीनों अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यही नहीं, आधे से अधिक विभागों की जानकारी वेबसाइट से हटा दी गई है।

प्रदेश में पांच सेंट्रल जेल समेत कुल 33 जेल हैं, लेकिन वेबसाइट पर केवल 30 ही दर्ज हैं। बताया जाता है कि जेल मुख्यालय की वेबसाइट विभागीय अधिकारी देखते ही नहीं है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस समय कुल 33 जेलों में करीब 20 हजार कैदियों को रखा गया है पर विभागीय वेबसाइट में अब भी जेलों की संख्या 30 बताई जा रही है। जेल विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नियमित रूप से मानिटरिंग नहीं होने के कारण विभागीय वेबसाइट अपडेट नहीं हो पा रही है और न ही नई जानकारी डाली जा रही है।

तीन महीने से डीआईजी का पद खाली

जेल मुख्यालय में पिछले तीन महीने से डीआईजी का पद खाली है। इस पद पर केके गुप्ता पदस्थ थे। रायपुर और अंबिकापुर केंद्रीय जेल प्रभारी अधीक्षकों के भरोसे चल रहा है। यहीं नहीं अधिकांश जेलों के टेलीफोन नंबर तक बदल चुके हैं लेकिन जेल अधिकारियों का नाम और टेलीफोन तक नहीं बदला गया है। जेल अधिकारियों का यह भी कहना है कि विभागीय बेवसाइट को अपडेट करने के लिए सभी केंद्रीय, जिला और उपजेल के प्रभारियों को पत्र लिखा गया है।

बताया जा रहा है कि पूर्व में एक अधिकारी ने इन्हें नियमित रूप से अपडेट करने को कहा था, पर निरंतरता नहीं बन पाई। एक ओर जहां सरकार के ढेरों काम आनलाइन हो रहे हैं, वहीं इस महत्वपूर्ण विभाग के वेबसाइट के नियमित रूप से अपडेट न होना प्रश्न खड़ा करता है।

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