रायपुर । इस साल सितंबर तक आभूषणों पर हालमार्किंग अनिवार्य होने के संकेत हैं। सराफा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों हॉलमार्किंग के संबंध में एक बैठक हुई थी। सराफा सूत्रों का कहना है कि हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने से पहले सरकार को डब्ल्यूटीओ से मंजूरी लेनी होगी और अप्रैल तक डब्ल्यूटीओ की अनुमति मिलने की भी उम्मीद है।

इसके बाद हॉलमार्किंग की अनिवार्यता के लिए अधिसूचना भी जारी हो सकती है। सराफा सूत्रों का कहना है हॉलमार्क की अनिवार्यता वे भी चाहते हैं और यह ग्राहकों के फायदे के लिए है।

रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू का कहना है कि हॉलमार्किंग की अनिवार्यता सराफा कारोबारी भी चाहते हैं, लेकिन इससे पहले कारोबारियों की मांग है कि प्रदेश के हर जिले में एक शासकीय हॉलमार्किंग सेंटर खुले, इसके लिए शासन से मांग भी की गई है। इसके साथ ही 20 कैरेट को भी हॉलमार्क की मान्यता दी जाए। इससे उपभोक्ताओं का ही फायदा होगा। उपभोक्ताओं को मजबूत तथा सस्ती ज्वेलरी मिलेगी।

छह से नौ महीने का लगेगा समय

इस संबंध में ज्वेलरों का कहना है कि हॉलमार्किंग के लिए उन्हें कम से कम छह से नौ महीने का समय लगेगा। इसका पहला कारण तो यह है कि प्रदेश में अभी केवल छह हॉलमार्किंग सेंटर है,जो पर्याप्त नहीं है।

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