रायपुर। होली के मौके पर इस बार पिछले वर्षों की तुलना में दो चीजें अलग नजर आईं। एक तो इस बार होली का हुड़दंग काफी कम रहा और दूसरा मुर्गों-बकरों की शामत इस बार कोरोना की दहशत से छिपी रही और इनकी जान बच गई। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इस बार ज्यादातर लोगों ने शाकाहारी तरीके से होली का त्योहार मनाकर खुद को सुरक्षित रखने के साथ-साथ मुर्गों और बकरों पर भी बड़ा अहसान किया। दूसरी तरफ चिकन शॉप वाले माथा पकड़े दुकानों में बैठे नजर आए।

त्यौहार की तैयारी के मद्देनजर उन्होंने दुकानों में स्टॉक फुल रखा था, लेकिन लोगों ने मुर्गों-बकरों की ओर रूचि ही नहीं दिखाई। कुछ लोग जिन्हें मांसाहार का सेवन करना किसी भी परिस्थिति में जरूरी होता है, सिर्फ उन्हीं लोगों ने दुकानों तक पहुंचकर चिकन-मटन खरीदे। चिकन शॉप वालों ने भी ऐसे साहसी ग्राहकों का स्वागत करते हुए उन्हें होली ऑफर के तहत विशेष छूट दी।

हालांकि कोरोना और मौसम की मेहरबानी की वजह से इस बार होली का हुड़दंग थोड़ा कम नजर आया। ज्यादातर लोगों ने मौसम के मिजाज को देखते हुए सूखी होली खेली। कुछ लोग होली के मौके पर भंग और शराब के नशे में बहक भी गए। शहर के अलग-अलग थानों में कुल मिलाकर 29 अपराध आज दर्ज हुए जिनमें से 27 मामले होली विशेष थे, यानी बिना कारण बताए गाली-गालौच के साथ मारपीट।

इन लोगों ने बिना बताए बदले मौसम के समीकरण को फॉलो कर गरज के साथ छींटे की तर्ज पर होली का अवसर देखते हुए अपनी पुरानी दुश्मनी भुना ली। अब पुलिस अपना काम करने में जुटी है।

Posted By: Himanshu Sharma

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