रायपुर। Hardness Effect: रेरा प्राधिकरण में पौने तीन साल में 12 सौ से अधिक प्रोजेक्ट रजिस्‍टर्ड हुए हैं। इनके साथ ही 825 प्रमोटर्स और 535 एजेंट भी रजिस्टर्ड हुए हैं। रेरा ने रियल स्टेट कारोबारियों पर सख्ती बरतते हुए उपभोक्ताओं से कहा भी है कि जो भी प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर्ड नहीं हैं। उससे खरीदी न करें।

साथ ही रेरा में रजिस्टर्ड न होने वाले प्रोजेक्टों को बैंक से लोन भी नहीं मिलेगा। इसके बाद ही बिल्डरों द्वारा अपने प्रोजेक्टों के पंजीयन में थोड़ी तेजी दिखाई। हालांकि अभी भी बहुत से प्रोजेक्ट है,जो रेरा में पंजीकृत नहीं हुए है।

रेरा प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार इसके साथ ही बीते पौने तीन साल में 926 शिकायतों का निराकरण भी किया है। रेरा प्राधिकरण द्वारा उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जा रहा है। रेरा के नियमों के अनुसार अगर बिल्डर को अपने ब्रोशर में किसी भी प्रकार से बदलाव करना है तो पहले उसे उपभोक्ता की अनुमति लेनी होगी।

इसके बाद ही वह ब्रोशर में बदलाव कर सकता है। इसके साथ ही मकान देने के लिए जो समय निश्चित किया है,उस नियत समय पर ही उपभोक्ता को मकान उपलब्ध कराना होगा। साथ ही अपने प्रोजेक्टों को रेरा में रजिस्टर्ड कराना होगा। पंजीयन न कराने वाले बिल्डरों पर रेरा सख्त रवैया अपना रही है।

इस प्रकार की शिकायतें ज्यादा आ रही

रेरा प्राधिकरण के पास आने वाली शिकायतों में मुख्य रूप से समय पर मकान न देना। ब्रोशर में दिखाई गई सुविधाएं उपलब्ध न कराना सहित वादा खिलाफी प्रमुख है। इसमें भी खास बात यह है कि शिकायतों के मामले में राजधानी रायपुर के बिल्डर काफी ज्यादा है। इसके बाद ही दूसरे शहरों के बिल्डरों का नाम आता है।

Posted By: Azmat Ali

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