रायपुर। Health Tips अनियमित जीवनशैली की वजह से कम आयु में ही लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याएं और बीमारियां घेर रही हैं। देखा जा रहा है कि अधिकांश लोग समस्याओं को लंबे समय तक अनदेखा करते हैं। और समस्या बढ़ती है तो अस्पताल पहुंचते हैं। वहीं सर्दियों के मौसम में कुछ बीमारियां और भी तकलीफदेह बन जाती है। इसलिए सर्दियों में खासकर ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दी-जुकाम, खराश, कफ जैसे छोटी बीमारियों से लेकर अन्य मौसमी बीमारियां कर के सही खान-पान और व्यायाम को प्राथमिकता दें। तनाव से बचना ज्यादा जरूरी होता है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं और लक्षण आने पर उसका तत्काल इलाज आगे की परेशानियों से बचा सकता है।

आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डाक्टर संजय शुक्ला ने कहा कि सुबह समय पर उठकर नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक आहार लें, बाहर के खाने से बचे, खाने में हरी सब्जियों का उपयोग करें। रात में जल्दी सोने जैसी आदत डालें। तो हम ना सिर्फ बीमारियों से बच सकते हैं,बल्कि एक हेल्दी और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। वर्तमान में लोग आयुर्वेदिक इलाज को काफी हद तक पसंद कर रहे हैं। और आयुर्वेदिक के अनुसार ही खुद के स्वास्थ्य का ख्याल रख रहे हैं।

मौसमी खानों को भरपूर खाएं, पानी की कमी न होने दें

खाने में एंटी आक्सीडेंट तत्व जैसे मशरूम, पालक, टमाटर, कढ़ी पत्ता, हरी सब्जियां आदि अधिक मात्रा में शामिल करें। तुलसी का नियमित रूप से सेवन भी बहुत जरूरी है। फलों का जूस व पानी अधिक मात्रा में पीएं जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। किसी भी तरह के बुखार, सर्दी या फ्लू को यदि नियंत्रित करना है तो गर्म पानी में नीबू का रस डालकर बार-बार पिएं। यदि जुकाम है तब भी गुनगुने पानी में नीबू का रस डालकर पीएं, इससे जुकाम कम होगा। गले की खराश या टान्सिल्स की समस्या हो तो ताजे टमाटर, ताजा पालक दोनों को मिक्सर में पीस लें और इसे छानकर इसके रस में गुड़ मिलाकर पिएं। इससे हीमोग्लोबीन भी बढ़ता है।

डाक्टर संजय शुक्ला ने कहा कि राजधानी के शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की ओपीडी में मरीज पेट, त्वचा, हड्डी व जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें अधिकांश मरीज ऐसे होते हैं, जो लंबे समय से परेशानियों से जूझ रहे हैं और कई जगह इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो पाए हैं। आयुर्वेद पद्धति से इलाज के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो रहे हैं। लोगों को मिल रहे लाभ से अब आयुर्वेद इलाज के प्रति लोगो की रुचि भी बढ़ रही है। अस्पताल में हर दिन की ओपीडी 200 से बढ़कर 350 से अधिक हो गई है।

Posted By: Vinita Sinha

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