रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ के रायपुर विमानतल में हुए हेलीकाप्टर हादसे की जांच करने आई डीजीसीए की पांच सदस्यीय टीम शनिवार रात को रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि टीम ने अपने ब्लैक बाक्स भी रख लिया है और इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही हेलीकाप्टर हादसे की असली वजह का पता चल सकेगा।

हेलीकाप्टर के तेल रोटेर में हो सकती है गड़बड़ी

बताया जा रहा है कि डीजीसीए की टीम द्वारा इस संबंध में एक बैठक भी ली गई। संभावना जताई जा रही कि हेलीकाप्टर के तेल रोटेर में गड़बड़ी हो सकती है। गौरतलब है कि गुरुवार रात 9.10 बजे हेलीकाप्टर रायपुर विमानतल स्‍वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर क्रैश हुआ और हेलीकाप्टर में सवार कैप्टन एपी श्रीवास्तव और कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा की हादसे में मौत हो गई।

विमान के पिछले हिस्से में होता है ब्लैक बाक्स

पैसेंजर प्लेन के साथ ही कार्गो या फाइटर प्लेन में ब्लैक बाक्स होता है। यह वायुयान उड़ान के दौरान विमान से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों को रिकार्ड करने वाला उपकरण होता है। इसे फ्लाइट डेटा रिकार्डर भी कहते हैं। आम तौर पर बाक्स विमान के पिछले हिस्से में लगा होता है।

सफल नहीं हो पाई तुरंत लैंडिंग की कोशिश

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार रात को घटना से पांच से सात मिनट पहले पायलटों ने एटीसी को हेलीकाप्टर में खराबी की सूचना दी थी। एटीसी ने तत्काल लैंडिंग करने कहा भी था। पायलटों ने इसकी भरसक कोशिश भी की, लेकिन सफल नहीं हो सके और कुछ क्षणों बाद ही एटीसी से संपर्क टूट गया। इस संबंध में विमानतल के एक उच्चाधिकारी ने कहा कि पायलटों और एटीसी के बीच आखिर में क्या बात हुई। इसे सीधे डीजीसीए को उपलब्ध कराया जाता है। डीजीसीए की टीम इसकी जांच कर रही है। इस हादसे में दो पायलटों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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