हिंदी दिवस 2021 : रायपुर। संसद में हिंदी को मातृभाषा घोषित करने बिल प्रस्तुत किया जाए, तब जाकर हिंदी को दोयम दर्जा दिए जाने वाले प्रदेशों में भी हिंदी भाषा का महत्व बढ़ सकेगा। हिंदी भाषा की मार्केटिंग सरकारों का प्रथम दायित्व होना चाहिए। इससे देश की आम जनता में हिंदी भाषा के प्रति तिरस्कार को रोका जा सकेगा। हिंदी भाषा के लेखकों को प्रोत्साहित करने की प्रतियोगिता एवं योजनाओं बाबत् विशेष आयोजन किए जाए।

हिंदी का विकास सरकारी प्रयास से ही संभव है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने हिंदी दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कही।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष मांग रखते हुए रिजवी ने आगे कहा कि भविष्य में सभी सरकारी नौकरियों में हिंदी माध्यम के बेरोजगारों को ही प्राथमिकता दी जाए। ताकि हिंदी की उपयाेगिता और इसकी सरलता कायम रहे। हमारी संस्‍कृति का अभिन्‍न हिस्‍सा है हिंदी, इसके प्रचार - प्रसार में कमी नहीं रहनी चाहिए। हिंदी में पढ़े लिखे बेराेजगारों को काम मिलने से हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रूझान बना रहेगा। इसके अलावा हिंदी के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

छत्तीसगढ़ पूर्व से ही हिंदी भाषी क्षेत्र रहा है, बावजूद इसके हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों को देखा गया है कि उन्हें बहुत कम महत्‍व दिया जाता है, जो हिंदी भाषा के लिए ठीक नहीं हैं। हिंदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार संकल्प ले कि शासकीय नौकरियों में हिंदी माध्यम के स्थानीय बेरोजगारों को ही नौकरी दी जाएगी।

Posted By: Kadir Khan

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