रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बेहताशा यात्रियों के दवाब को कम करने के लिए ट्रेनों में साल भर में लगभग 2025 स्थाई और अस्थाई कोच बढ़ाए गए। सिर्फ सितंबर में ही त्योहारी सीजन को देखते हुए 320 कोच बढ़ाए गए हैं, लेकिन, वेटिंग अभी भी आउट ऑफ कंट्रोल है। दीपावली तक लगभग सभी रूट की ट्रेनों में वेटिंग 150 के पार है।

दरअसल बारिश के चलते ट्रैकों की हालत बिगड़ी तो मरम्मत के लिए नॉनइंटरलाकिंग लिया गया। ट्रेनें भी रद की गईं। ऐसे में कोच बढ़ाने के बावजूद वेटिंग कम नहीं हुई। स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई, लेकिन टिकट दलालों के सिंडीकेट के चलते आइआरसीटीसी द्वारा अधिकृत कैफे संचालकों खेल के आगे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। पूर्व में इन पर कार्रवाई भी होती थी, लेकिन अभी हो नहीं रही है।

--सिलसिलेवार बढ़ाए गए कोच

2018-19 में 1068 अतिरिक्त कोच ट्रेनों में लगाये गए थे। वर्तमान वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितंबर तक ही 2025 कोच अतिरिक्त लगाये गये। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 957 अधिक कोच लगाए गये।

---इस माह इतने बढ़ाए कोच

अप्रैल में 264, मई में 389, जून 366, जुलाई में 339, अगस्त में 347 और सितंबर में 320 सहित कुल 2025 कोच बढ़ाये गये।

--इन ट्रेनों में लगे अतिरिक्त कोच

अमरकंटक एक्सप्रेस, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस, रीवा पैसेंजर कम एक्सप्रेस, अंबिकापुर एक्सप्रेस (रेस, सारनाथ एक्सप्रेस, दक्षिण बिहार एक्सप्रेस, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, शिवनाथ एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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