रायपुर। Human Service Of Aggarwal Society: छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए प्लाज्मा उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पिछले एक साल में 777 मरीजों को प्लाज्मा उपलब्ध कराया जा चुका है।

संगठन के सदस्य लगातार प्रयासरत हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह सुविधा प्रदान की जा सके। जो लोग कोरोना बीमारी से ठीक हो चुके हैं, उन्हें प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित करके चिकित्सा सुविधा देने में जुटे हैं।

पिछले सात दिनों में 68 कोविड मरीजों को प्लाज्मा दिया जा चुका है। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के चेयरमैन अशोक अग्रवाल ने संस्था की ब्लड डोनेशन समिति के एक वर्ष पूर्ण होने पर यह आंकड़े जारी करते हुए बताया कि संस्था द्वारा निरंतर यह कार्य जारी रहेगा।

क्या है प्लाज्‍मा

अशोक अग्रवाल ने बताया कि किसी व्यक्ति को कोविड हो जाने के पश्चात जब वह पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है तो उसके शरीर में एंटी बॉडी ब्लड बनने लगते हैं और उसी एंटीबॉडी से युक्त ब्लड को ठीक होने के 28 दिनों के पश्चात डोनेशन के रूप में लिया जाता है।

इसी ब्लड से ये प्लाज़्मा बनाकर उस कोरोना पेशेंट को चढ़ाया जाता है। जिस मरीज पर अन्य सभी दवाएं असर करना कम कर देती है या जिसके बचने की संभावनाएं क्षीण हो जाती है,उसे अंतिम विकल्प के तौर पर प्लाज़्मा थेरेपी दी जाती है।

ये थेरेपी महंगी है,जिसमें प्लाज्‍मा बनाने में ब्लड बैंक द्वारा 10-15 हजार रुपया का ख़र्च आता है। वहीं, इसे मरीज को चढ़ाने के लिए हॉस्पिटल वाले भी ज्यादा चार्ज करते हैं। कोविड मरीज को बचाने के लिए अंतिम विकल्प के तौर पर प्लाज़्मा थेरेपी अपनाई जाती है।

छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन की ब्लड डोनेशन की टीम में राजेश लोईया, अंकित अग्रवाल खरसिया, ज्योति अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, पायल लाठ, शिवम अग्रवाल, प्रिया गोयल, कपिल, नागेंद्र कुमार आदि सेवा के इस कार्य में लगे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष नेतराम अग्रवाल एवं प्रांतीय महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि टीम की सेवाएं बेमिसाल है और पूरे समाज में इसकी प्रशंसा हो रही है। यह पूरे छत्तीसगढ़ वासियों के लिए बड़े गर्व की बात है कि अप्रैल माह में मात्र सात दिनों में इसी टीम ने 68 लोगों को अब तक प्लाज़्मा उपलब्ध कराया है।

इस बारे में ब्लड डोनेशन टीम के संयोजक राजेश लोईया एवं सह संयोजक अंकित अग्रवाल व ज्योति अग्रवाल ने बताया कि उनके इस कार्य में अनेक संगठन व साथी मिलजुल कर सहयोगात्मक कार्य कर रहे हैं। मार्च तक पूरे एक वर्ष में हमने लगभग 710 लोगों को प्लाज़्मा उपलब्ध कराया था। उन्होंने अपील की है कि लोग प्लाज़्मा देने के लिए आगे आएं और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने में योगदान दें।

हेल्पिंग हैंड्स क्लब के प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने बताया कि जब मरीज के परिजन सब तरफ से निराश होते हैं, जब सभी प्रकार की दवाइयां कार्य करना बंद कर देती है,ऐसे कठिन समय में यह थेरेपी उपयोग में लाई जाती है। इसमें पेशेंट के बचने की संभावना का प्रतिशत कम ज़रूर है, परंतु धीरे धीरे यह पद्धति भी बहुत कारगर सिद्ध हो रही है।

Posted By: Azmat Ali

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags