रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वर्षा का मौसम शुरू होते ही लोगों में त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायतें बढ़ जाती है। रायपुर के शासकीय आयुर्वेदिक कालेज के सह-प्राध्यापक डा. संजय शुक्ला ने बताया कि बढ़ती उमस, पसीना और गीले कपड़े पहनने से त्वचा में कई हानिकारक जीवाणुओं की उपस्थिति से दाद, खाज, खुजली, त्वचा के ऊपरी हिस्से पर लाल चकत्ते उभरने जैसी समस्याएं सामने आने लगती है।

आयुर्वेद में त्वचा संबंधी संक्रमण से बचाव के विभिन्न उपाय हैं। इसमें नीम के पत्ते के उबले हुए पानी से नहलाएं। इस दौरान शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। शरीर को पूरी तरह सुखाने के बाद ही कपड़े पहनें। त्वचा संबंधी संक्रमण से बचाव का सबसे सही उपाय है कि स्वयं को गंदे पानी के संपर्क में आने से बचाएं।

इस दौरान खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बाहर की तली-भूनी वस्तुएं व अम्लीय प्रवृत्ति के खाद्य पदार्थ दही इत्यादि के साथ, अधिक मिर्च-मसालों के सेवन से बचना चाहिए। भोजन में मौसमी फलों खासतौर पर सेब, अनानास, नाशपाती और ड्राई-फ्रूट्स (काजू, किशमिश, बादाम), हल्दी दूध और घी का सेवन लाभकारी होता है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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