रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चिटफंड कंपनियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। एक बार फिर जिला प्रशासन ने आरोग्य धनवर्षा कंपनी की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है। कलेक्टर सौरभ कुमार ने छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 धारा 7 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और पुलिस उप महानिरिक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर के प्रतिवेदन के आधार पर आरोग्य धनवर्षा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायेरेक्टर रघुवीर सिंह राठौर और तीन अन्य के ग्राम उमरिया पटवारी हल्का नंबर 23 उप तहसील मंदिरहसौद में स्थित व्यपवर्तित भूमि खसरा नंबर 808/9 का भाग रकबा 13.886 वर्गफुट, खसरा नंबर 338/1, 338/2 रकबा क्रमश: 0.01, 0.01 हेक्टेयर जमीन कुर्की करने का आदेश दिया है।

कम समय में धन दोगुना करने का झांसा

पुलिस ने बताया कि आरोग्य धनवर्षा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से कंपनी बनाकर, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आम जनता को अधिक ब्याज देने, कम समय में धन दोगुना करने का झांसा देकर विभिन्न लोक लुभावनी योजना बताकर निवेशकों से कपटपूर्वक राशि जमा कराई गई थी। निवेशकों द्वारा जमा कराई गई राशि परिपक्वता के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं करने, जमा की गई राशि को वापस नहीं करने, जमा राशि का ब्याज भी अदा नहीं कर धोखाधड़ी किया गया। उनके विरुद्ध थाना सिविल लाइन जिला रायपुर का अपराध क्रमांक 429/2019 धारा 420, 34, छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 का अपराध पंजीबद्ध किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में फरार चिटफंड कंपनियों में फंसे हैं निवेशकों के करोड़ों रुपये

राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में खुले चिटफंड कंपनियों नें एजेंटों के माध्यम से लोगों को कम समय में धन दूना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये जमा कराने के बाद संचालक कंपनियों को बंद करके फरार हो गए थे। सरकार के निर्देश पर कंपनियों के संचालकों को गिरफ्तार कर उनकी संपतियों का पता लगाकर कुछ निवेशकों के डूबे रकम की वापसी कराई जा रही है।

Posted By: Sanjay Srivastava

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