रायपुर। रायपुर के पियक्कड़ रोज करीब तीन करोड़ 69 लाख की शराब गटक जा रहे हैं। जिले में पिछले वर्ष 17 दिसंबर से इस वर्ष 20 जनवरी के बीच 34 दिन में 125.54 करोड़ स्र्पये की शराब पी गए हैं।

यह जानकारी विधानसभा में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने एक लिखित प्रश्न के जवाब में दिया है। बृजमोहन अग्रवाल के सवाल के जवाब में लखमा ने बताया है कि रायपुर के बाद दुर्ग में सबसे ज्यादा 76.55 और बिलासपुर में 56.50 करोड़ स्र्पये की शराब से राजस्व प्राप्त हुआ है।

विधानसभा में मंगलवार को कई सदस्यों ने राज्य में शराब बिक्री को लेकर सवाल किया था। मंत्री ने 34 दिनों में शराब बिक्री से प्राप्त राजस्व का जो आकड़ा दिया है उसके अनुसार बलौदाबाजार में 35.78, गरियाबंद में 13.75, महासमुंद में 27.65, धमतरी में 28.82, बालोद में 25.86, बेमेतरा में 21.27, राजनांदगांव में 46.83, कबीरधाम में 16.72, मुंगेली में 14.06, जांजगीर- चांपा में 38.82, कोरबा में 24.10, रायगढ़ में 28.33, जशपुर में 6.19, सरगुजा 7.12, बलरामपुर में 1.96, सूरजपुर में 6.09 और कोरिया में 6.91 करोड़ है। वहीं नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के जिला में बस्तर में 7.86, नारायणपुर में 1.56, कोंडागांव में 2.93, कांकेर में 9.90, दंतेवाड़ा में 3.75, सुकमा में 1.19, बीजापुर में 3.24 करोड़।


3188 करोड़ का राजस्व

वहीं, विधायक शिवरतन शर्मा के एक प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री लखमा ने बताया कि प्रदेश में देशी की 373 व विदेशी की 323 समेत कुल 696 शराब दुकानें हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 31 दिसंबर तक राज्य में सरकार को आबकारी विक्रय कर से 3188.63 करोड़ स्र्पये राजस्व प्राप्त हुआ है। केशव चंद्रा के सवाल के जवाब में बताया कि शराब दुकानों में कुल 4629 कर्मचारी रखे गए हैं।


लगातार बढ़ रहा शराब बिक्री से प्राप्त राजस्व

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सवाल के जवाब में मंत्री ने शराब बिक्री से प्राप्त राजस्व का वर्षवार आंकड़ा दिया है। इसके अनुसार 2014-15 में 24449.30, 2015-16 में 29911.31, 2016-17 में 3307.65, 2017-18 में 3908.78 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।