रायपुर। 'दुनिया, समय के साथ हाइटेक होती जा रही है। ऐसे में यह कहना कि आज के यूथ को ज्योतिष पर भरोसा नहीं है, गलत होगा। आज मेरे पास आने वाले लोगों में युवाओं की संख्या ज्यादा है। आज के युवाओं में प्रतिभा कूटकूट कर भरी हुई है। वे कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल करना चाहते हैं, करना भी चाहिए। आप जब तक बड़ी सोच और बड़ा लक्ष्य निर्धारित नहीं करेंगे, आपको सफलता नहीं मिलेगी।"

यह कहना है कि देश के जाने-माने ज्योतिषी और काशी विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष चंद्रमौलि उपाध्याय का। राजधानी के एक होटल में नईदुनिया से विशेष चर्चा में उन्होंने कहा कि आज के समय में यूथ में आत्मविश्वास की कमी नहीं है।

ज्योतिषी कभी यूथ को गलत रास्ता पर नहीं ले जाते हैं। वे आगे बढ़ने का सही मार्ग दिखाते हैं और भविष्य में होने वाली परेशानियों को लेकर सतर्क करते हैं, ताकि उन्हें सही समय में सही दिशा मिल सके। बशर्ते यूथ अपनी समस्या लेकर ज्योतिष-शास्त्र के सही जानकार के पास पहुंचें।

वहीं मौसम को लेकर उन्होंने कहा कि इन दिनों मंगल और शनि के चलते इस तरह के हालात बने हैं। आने वाले समय में छह ग्रह एक साथ एक ही घर में आने वाले हैं। इसके कारण मौसम में और परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

कई लोग कर रहे ज्योतिष-शास्त्र के साथ अन्याय

ज्योतिषी उपाध्याय ने कहा कि ज्योतिषशास्त्र काफी विशाल है, इसका अध्ययन गहराई से होना बेहद जरूरी है, ताकि आप अपने और लोगों को जीवन की सही मार्गदर्शन कर सकें। आज के समाज में कई लोग ज्योतिष-शास्त्र की बेहद कम जानकारी रखते हैं, लेकिन अल्प ज्ञान से ही लोगों को ज्ञान देने लगते हैं, उनका भविष्य बताने हैं, यह ठीक नहीं है।

एक अच्छे ज्योतिष को विषय का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए। कम ज्ञान लेकर लोगों को भाग्य बताने वाले उनके साथ अन्याय कर रहे हैं। ज्योतिष-शास्त्र नराकात्मक को सकारात्मक में बदलने की क्षमता रखता है। कुछ कम पढ़े-लिखे या अज्ञानी लोग बिना ज्योतिष को जाने ही इसे भ्रांति या लोगों को भ्रमित करने वाला कहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।

अगर ऐसे लोग ज्योतिष-शास्त्र को पढ़ें तो वे ऐसा नहीं करेंगे। ज्योतिष-शास्त्र का अध्ययन गुरु के मार्गदर्शन में किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले ज्योतिषियों की संख्या कम थी, लेकिन अब वर्तमान में इनकी संख्या बढ़ चुकी है। देश में कई प्रभावशाली ज्योतिषी भी हैं।

पाश्चात्य संस्कृति के कारण टूट रहा घर-परिवार

ज्योतिषी उपाध्याय ने चर्चा के दौरान कहा कि ज्योतिष एक सेवाभाव है। इसे सेवा के रूप में ही करना चाहिए। आज हमारे समाज में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव देखने को मिल रहा है। इसके चलते हमारे देश में इन दिनों तलाक जैसे मामले बढ़ गए हैं।

पूर्व के समय में कुंडली मिलान परिजन अपने बच्चों के भविष्य को सुदृढ़ और अच्छा बनाने के लिए कराते थे, आज के समय में कुछ लोग इससे दूर होते जा रहे हैं। अगर लोग कुंडली मिलाकर ग्रह-नक्षत्रों को देखकर शादी करें तो कहीं-न-कहीं तलाक के मामले में कमी आने से इन्कार नहीं किया जा सकता। पति- पत्नी के बीच अगर समानता का भाव बने और सहिष्णुता रहे तो तलाक के मामले कम होंगे।

Posted By: Sandeep Chourey

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