रायपुर। International Nurse Day 2021: पिछले एक साल से मैंने कई लोगों को अस्पताल में डरे, सहमे देखा है। उन्हें कोरोना बीमारी नहीं थी, फिर भी जरा सी खांसी, बुखार आते ही वे घबरा जाते थे। उनके रिश्तेदार भी उनसे दूर-दूर रहते थे। किसी भी मरीज की बीमारी ठीक करने के लिए दवाई तो जरूरी है, लेकिन दवाई के साथ उनका हौसला बनाए रखना और जीने के प्रति जज्बा कायम रखना ज्यादा जरूरी है।

नर्स सुमन सुषमा मसीह कहती हैं कि कोई भी बीमारी हो मरीज दहशत में आ जाते हैं, ऐसे समय में उनसे सकारात्मक बातें करना, उनके साथ हंसी के दो पल बिताना और उनमें एक उर्जा जगाना बेहद आवश्यक है। यदि ऐसा किया जाए तो मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। मैं, मरीजों के साथ ऐसा ही व्यवहार करतीं हूं। कई बार मरीज दवाई लेने में आनाकानी करते हैं तो उन्हें डांटना भी पड़ता है, यह सब उनकी भलाई के लिए करते हैं। भगवान ऐसा दौर किसी को भी न दिखाएं।

पिछले 40 साल से नर्स के रूप में सेवा दे रहीं हूं। कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की देखभाल की है। मरीज इलाज और सेवाभाव से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। पिछले एक साल में जो भी मरीज आते हैं, देखा है कि वे भीतर से टूट चुके होते हैं। भले ही उन्हें कोरोना बीमारी न हो किंतु दूसरी बीमारी भी उन्हें भय में डाल रही है। हम सभी का कर्तव्य है कि मरीजों की देखभाल करें और उन्हें जीवन जीने के लिए प्रेरित करें।

सभी अस्पतालों में ऐसा सन्नाटा, भय इससे पहले 40 सालों में कभी देखने को नहीं मिला। इलाज करने वाले डॉक्टर, नर्स भी भयभीत हैं, लेकिन उनके कारण ही मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। वर्तमान में सभी नियमों का पालन करें, दूरी रखें, समय पर इलाज करवाएं। सकारात्मकता बनाए रखें। बीमारी से निजात अवश्य मिलेगी।

Posted By: Azmat Ali

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