रायपुर। International Womens Day: अंतररष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नईदुनिया की ओर से राजधानी के सुभाष स्टेडियम से स्कूटर रैली निकाली गई। इस दौरान हजारों की संख्या में महिलाएं रैली में शामिल हुईं। एक बार जब महिलाओं का काफिला निकलना शुरू हुआ, तो महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। हर चौराहे से महिलाओं का हुजूम इस रैली में जुड़ता चला जा रहा था।

यह सिर्फ एक रैली ही नहीं थी, बल्कि महिलाओं के सशक्तीकरण और उनकी पहचान की झलक भी थी। मां-बेटी, दादी-पोती, मामी-भांजी, चाची-भतीजी की जोड़ियां स्कूटी पर सवार होकर पूरे जोश से महिला दिवस पर अपनी ताकत की झलक दुनिया को दिखाने निकल चुकी थीं।

महिला दिवस के कार्यक्रम में महापौर एजाज ढेबर, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर किरणमयी नायक, विभिन्न महिला संगठनों की कार्यकर्ता, नर्सिंग स्टाफ, एनजीओ, स्कूलों की प्राचार्या और अध्यापिकाओं सहित घरेलू महिलाएं शामिल हुईं। भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार, एजाज ढेबर और किरणमयी नायक ने दीप प्रज्जवलित कर रैली को हरी झंडी दिखाई।

रैली शुरू होने से पहले महापौर ने एक कविता का पाठ कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिसमें महिलाओं की समाज में भूमिका और उनके महत्व का संदेश था। साथ ही महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्हें किसी से डरने या झुकने की जरूरत नहीं है।

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यह रैली रायपुर के घड़ी चौक, गौरव पथ मार्ग, भगत सिंह चौक, तेलीबांधा चौक होते मरीन ड्राइव पहुंची। वहां से दोबारा लौटकर राजभवन मार्ग से सुभाष स्टेडियम पहुंचकर समाप्‍त हुई।

इस मौके पर शहर के विभिन्न स्कूल, कॉलेज और संगठनों की महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचकर रैली में अपनी ताकत दिखाई।

नारी, स्त्री, वामा, औरत, अर्धांगिनी और भी न जाने कितने ही नामों से पुकारी जाने वाली परिवार, समाज, देश- दुनिया की केंद्र शक्ति महिला।

वैसे तो हर दिन क्या, हर पल बिना महिलाओं के सहयोग के अधूरा है फिर भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को विशेष रूप से आभार देने और उनकी शक्ति की पहचान सभी को कराने मनाया जाता है।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को नईदुनिया महिला स्कूटर रैली का आयोजन किया गया। घर का कामकाज छोड़कर महिलाएं खुशी-खुशी शामिल हुई।

घर-गृहस्थी के जरूरी कामों को खुशी-खुशी पूरा करने वाली महिलाएं आज अपनी जिम्मेदारियों में एक और जिम्मेदारी शामिल कर सड़कों पर आईं।

यह जिम्मेदारी है समाज की उन महिलाओं को जागृत करने की, जो खुद के अस्तित्व को नजरअंदाज करती हैं।

उन्हीं महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और आत्मनिर्भरता के साथ आत्मसम्मान जागृत करने के लिए महिलाओं ने एकजुटता दिखाई। इस दौरान नई दुनिया के संपादकीय प्रभारी सतीश चंद्र श्रीवास्तव ने भी महिलाओं का स्वागत किया और महिला दिवस पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

विभिन्न जोड़े में नजर आई महिलाएं

इस रैली में मां-बेटी, चाची-भतीजी, मामी-भांजी, नानी-नातिन, दादी-पोती के जोड़े तो देखने को मिले। साथ ही दो सहेलियां भी एक साथ नजर आईं। इस दौरान महिलाओं ने एकजुटता का संकल्‍प भी लिया।

Posted By: Azmat Ali

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