रायपुर। कश्मीर में तैनात छत्‍तीसगढ़ की एक बेटी की खासी तारीफ हो रही है। पीडी नित्या छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की हैं। ये आईपीएस हैं। धारा-370 हटाए जाने के बाद से घाटी में इनके कामों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। नित्या अपने कामों से वहां के लोगों का मन जीत रही हैं।

नित्‍या ने एनआईटी रायपुर से केमिकल इंजीनियरिंग किया है। उनकी पहली नौकरी चंद्रपुर की सीमेंट फैक्टी में लगी थी लेकिन वह उसे रास नहीं आई। वहीं से यूपीएससी की तैयारी कर 2016 में आईपीएस के रूप में चयनित हुई। हाल ही में उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में की गई।

Sukma Encounter : भाई पुलिस में और बहन नक्सली, मुठभेड़ में जब आमने-सामने आ गए

नेहरू पार्क के उप विभागीय पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात नित्या को राम मुंशी बाग और हरवन दाग्ची गांव के बीच निगरानी की जिम्मेदारी दी गई। करीब 40 किमी में फैला ये इलाका संवेदनशील है। इस इलाके में न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र डल झील ही है, बल्कि राज्यपाल आवास और वो इमारत भी है, जहां जम्मू कश्मीर के नेताओं व वीआईपी लोगों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नजरबंद किया गया है। करीब 40 किमी में फैला ये इलाका संवेदनशील है। इस इलाके में न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र डल झील ही है, बल्कि राज्यपाल आवास और वो इमारत भी है।

जमीन विवाद पर छोटे भाई की तलवार मारकर हत्या

नित्या की कार्यशैली चर्चा का विषय बन गई है। उनके काम का गुणगान किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि कैसे विपरीत स्थितियों में वो बिना भय के अपनी ड्यूटी कर रही हैं। नित्या, हिंदी के साथ ही कश्मीरी भाषा भी धारा प्रवाह के साथ बोलती हैं। तेलुगु उनकी मातृभाषा है।

Surguja : परसा कोल ब्लॉक के लिए अडानी को मिली पर्यावरण स्वीकृति

नित्या कहती हैं- ‘मैं छत्तीसगढ के दुर्ग से हूं, जहां हमेशा शांति रही है। लेकिन मुझे चुनौतियां पसंद है। मुझे आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ ही वीवीआईपी की सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ता है। निश्चित तौर पर यह सब छत्तीसगढ़ में गुजारे मेरे जीवन से काफी अलग है।

किशोर का अपहरण कर महिला बनाती रही संबंध, यह हुआ अंजाम

रिश्‍ते शर्मसार : जमीन के लिए पिता के किए टुकड़े, एक बेटा गिरफ्तार, दूसरा फरार