रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल से बुधवार को दिल्ली- मुंबई आने-जाने वाली जेट एयरवेज की छह उड़ान अचानक रद कर दी गई। इससे 1800 यात्री प्रभावित हुए। इनमें 900 यात्री रायपुर के तथा 900 यात्री दिल्ली व मुंबई के हैं।

अचानक उड़ान रद करने पर यात्रियों और कंपनी के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। कंपनी के अधिकारी इस बारे में कुछ बता पाने में असमर्थ रहे। काफी मुश्किल से विवाद सुलझाया गया।

स्वामी विवेकानंद विमानतल के निदेशक राकेश सहाय ने बताया कि यात्रियों को उनकी इच्छा के अनुसार टिकट वापस किया गया या तो दूसरे विमान से ले जाने की व्यवस्था की गई। जेट एयरवेज की उड़ानें अचानक रद करने का महीने भर में यह दूसरा मामला है।


दूसरी विमानन कंपनियों ने मजबूरी का उठाया फायदा

विमानन अधिकारियों का कहना है कि अचानक जेट की उड़ान रद करने की घोषणा से यात्री हड़बड़ा गए थे। बहुत से यात्री ट्रेन से तो कई यात्री दूसरी फ्लाइट से दिल्ली, मुंबई गए। यात्रियों की इस मजबूरी का फायदा दूसरी विमानन कंपनियों ने जमकर उठाया।

10 फरवरी से होना है बंद

विमानन अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी से जेट एयरवेज का रायपुर से दिल्ली, मुंबई उड़ान होनी जा रही है। एयरवेज को बंद होने से बचाने के लिए एक विशेष डील करने की कोशिश की जा रही है। इस डील में एसबीआइ भी शामिल हो सकता है। विमानन अधिकारियों का कहना है कि अगर यह डील हो जाती है तो हजारों नौकरियां बच सकती हैं।

फिर शुरू होगी कंपनियों की मनमानी

जेट एयरवेज के बंद होने के बाद रायपुर से केवल एयर इंडिया और इंडिगो एयरलाइंस के विमान ही चलेंगे। इससे विमानन कंपनियां हवाई फेयर को लेकर मनमानी करेंगी। इन दिनों रायपुर से दिल्ली-मुंबई के लिए यात्री काफी बढ़ गए हैं। रोजाना विमान फुल जा रहे हैं। गौरतलब है कि विस्तार एयरलाइंस का विमान 31 मार्च से आ रहा है और एक अप्रैल से इंडिगो एयरलाइंस बी अपनी नई फ्लाइट शुरू कर रही है। तब तक यात्रियों को विमानन कंपनियों की मनमानी झेलनी पड़ेगी।