रायपुर। अंतागढ़ टेपकांड की जांच कर रही एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी का वाइस सैंपल लेने के लिए नोटिस देकर बुधवार को तलब किया था।

दोनों देर शाम तक नहीं पहुंचे और न ही कोई सूचना दी। एसआईटी के अफसर दिन भर गंज स्थित दफ्तर में उनके आने का इंतजार करते रहे। इससे पहले भी वाइस सैंपल के लिए एसआईटी ने नोटिस जारी किया था, लेकिन सैंपल देने से अजीत व अमित जोगी ने इन्कार कर दिया था। अब एसआईटी गुरुवार को वाइस सैंपल के लिए कोर्ट में आवेदन लगाएगी।

पुलिस के मुताबिक एसआईटी ने मंतूराम पवार और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता के वाइस सैंपल नहीं देने पर कोर्ट में आवेदन देकर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया था। इसमें कहा गया कि कोर्ट चाहे तो वाइस सैंपल का आदेश दे सकता है।

पुलिस के इस आवेदन पर मंतूराम पवार और डॉ. पुनीत गुप्ता को अपर सत्र न्यायाधीश लीना अग्रवाल ने नोटिस जारी कर 26 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होकर जबाव देने को कहा है कि आखिर एसआईटी को वाइस सैंपल क्यों नहीं देना चाहते? अब जोगी का वाइस सैंपल लेने के लिए भी गुरुवार को कोर्ट में आवेदन लगाने की जानकारी एसआइटी के अफसरों ने दी है।


यह था मामला

वर्ष 2014 में कांकेर जिले के अंतागढ़ के विधायक रहे विक्रम उसेंडी ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था। वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने मंतूराम पवार को प्रत्याशी बनाया था। नाम वापसी के ऐन वक्त मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।

इस मामले को लेकर बाद में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, अमित जोगी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत सामने आई थी। जिसमें सात करोड़ की कथित डील चर्चा में रही।

राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पूर्व महापौर किरणमयी नायक की शिकायत पर पंडरी थाने में मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, जेसीसी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व विधायक अमित जोगी, डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच एसआइटी कर रही है।