रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

संस्कृति विभाग द्वारा शुक्रवार को महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय संस्कृति विभाग में स्वतंत्रता संग्रामी सेनानी, गांधीवादी चिंतक व छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पुरोधा डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती मनाई गई। उनकी याद में शहर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें जहां डॉ. खूबचंद के लिखे हुए नाटक करम छड़हा का प्रदर्शन किया गया, वहीं उनकी जीवन यात्रा पर संगोष्ठी रखी गई। प्रदर्शित नाटक में डॉ. खूबचंद के अनुभव व हमारे प्रदेश की सामाजिक व ग्रामीण परिवेश को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है। नाटक के अनुरूप ही कलाकारों ने भी बहुत ही खूबसूरती के साथ खूबचंद बघेल के संदेशों को मंच के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया।

इसमें कलाकारों ने एक व्यक्ति के पिता द्वारा शिक्षा में किए गए व्यय, सिफारिश के माध्यम से 30 रुपये की नौकरी करना, पत्नी द्वारा गहनों की डिमांड करना व समाज के विभिन्न लोगों का ध्यान रखना जैसे विभिन्न व्यथाओं को प्रदर्शित किया। वहीं नाटक के माध्यम से छत्तीसगढ़ का परिवेश व बोली को बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और कलाकारों की हौसला अफजाई की।

प्रदर्शनी के माध्यम से खूबचंद की लेखनी और जीवन शैली से हुए परिचित

खूबचंद बघेल की जयंती के अवसर पर महंत घासीदास परिसर में ही उनकी जीवनी एवं लेखनी के संबंध में फोटो चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इसके माध्यम से लोग बघेल की लेखनी से परिचित हुए। साथ ही अप्रकाशित दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज कर उसका एक संकलन कथा कंथली तैयार किया गया है, जिसका विमोचन भी किया गया।

डॉ. खूबचंद बघेल स्वतंत्रता की लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में शामिल थे

डॉ. खूबचंद बघेल के व्यक्तित्व व कृतित्व के संबंध में आयोजित संगोष्ठी में डॉ बघेल के जीवन पर प्रकाश डाला गया, जिसमें विशिष्ट वक्ताओं ने बताया कि डॉ. बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। वहीं अपने प्रदेश के लिए उनका अहम योगदान रहा। इस गोष्ठी में पं. रविशंकर शुक्ल विवि के कुलपति डॉ. केएल वर्मा, रमेश नैयर, ललित सुरजन व साहित्यकार परदेशीराम वर्मा ने हिस्सा लिया। सभी ने डॉ. बघेल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तृत चर्चा की और उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य के पुरोधा के रूप में माना। वहीं सभी ने उनकी लेखनी के संबंध में भी लोगों को विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल रहे।