Karva Chauth 2021: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रविवार को करवा चौथ पूजन पर्व की धूम घर-घर में मचेगी। पर्व से एक दिन पहले शनिवार को पूजन के लिए मिट्टी का करवा, पूजन सामग्री और रंग-बिरंगी छलनी खरीदने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। पूजन और श्रृंगार सामग्री से बाजार गुलजार रहा। आमापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती बूढ़ेश्वर मंदिर के समीप, शास्त्री बाजार, मालवीय रोड जैसे प्रमुख बाजारों में देर रात तक खरीदारी की जाती रही।

पूजा की स्पेशल थाली

करवा चौथ पूजन के लिए थाली में लोटा, छलनी, दीप, कटोरी को सुंदर मोतियों, जरीदार लेस से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इस थाली को खरीदने के लिए महिलाओं में खासा आकर्षण रहा। पूजन थाली 300 से 500 रुपये तक बिकी। वहीं छलनी भी 150 से 200 रुपये, मिट्टी का साधारण करवा 10 से 20 रुपये और रंगों से सजाया गया करवा 50 रुपये में बिका।

16 श्रृंगार सामग्री की मांग

इसके अलावा 16 श्रृंगार सामग्री में सुंदर टीका, मंगलसूत्र, मांग टीका, बिंदिया, काजल, नथनी, कर्णफूल, मेहंदी, कंगन, चुनरी, बाजूबंद, गजरा और चांदी की बिछिया, पायल, कमरबंद, सोने की अंगूठी भी महिलाओं ने खरीदी।

मेहंदी रचाने के लिए किया इंतजार

मेहंदी आर्टिस्ट मनीषा ने बताया कि आम दिनों में दोनों हाथों में मेहंदी रचाने के लिए पांच सौ रुपये मेहनताना लेते हैं। करवा चौथ पर दोनों हाथ में विविध डिजाइन की मेहंदी रचाने के लिए एक हजार रुपये और सिंपल डिजाइन के लिए दो सौ से तीन सौ चार्ज लिया गया। बैजनाथपारा, छोटापारा में मेहंदी पार्लर में मेहंदी रचाने के लिए कई दिन पहले से बुकिंग हो चुकी थी। जिन्होंने बुकिंग नहीं कराई, उन्हें इंतजार करना पड़ा।

पंजाबी समाज में सामूहिक पूजा

छत्तीसगढ़ पंजाबी समाज सनातन सभा के प्रवक्ता जवाहर खन्नाा ने बताया कि जोरा स्थित पंजाब केसरी भवन में दोपहर तीन बजे से पूजन का आयोजन किया गया है। यहां सेल्फी जोन भी बनाया जा रहा है। साथ ही विविध प्रतियोगिता, गीत, संगीत का भी आयोजन किया जाएगा।

शुभ योग-रोहिणी नक्षत्र का संयोग

छत्तीसगढ़ संत महासभा के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के अनुसार 24 अक्टूबर को करवा चौथ पर पांच साल बाद शुभ योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इससे पहले 8 अक्टूबर, 2017 को रविवार के दिन करवा चौथ पड़ा था। सूर्य देव, आरोग्य प्रदान करते हैं। इस दिन पूजा करना विशेष फलदायी होगा।

शुभ पूजन मुहूर्त

रविवार को सुबह 3 बजे से चतुर्थी शुरू होकर 25 अक्टूबर को सुबह 5.43 बजे तक रहेगी। पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5.43 से 6.51 बजे तक है। रात्रि 8.11 बजे चांद दिखाई देने की संभावना है।

ऐसे करें पूजा

महिलाएं सूर्याेदय से पहले स्नान करके सरगी के रूप में मिले काजू, बादाम, फल का सेवन करें। भगवान गणेश की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें। शाम को देवताओं को पीढ़े पर विराजित करके पूजा करें। पूजा के लिए मिट्टी का करवा, धूप, दीप, चंदन, रोली, सिंदूर, घी का दीपक रखें। करवा चौथ की कथा सुनें। पूजा के बाद चंद्रमा का दर्शन करके मिट्टी के करवा से अर्घ्य दें। पतिदेव का चेहरा छलनी से देखकर पानी पीकर व्रत का पारणा करें।

Posted By: Kadir Khan

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